STORYMIRROR

मिथलेश सिंह मिलिंद

Inspirational

4  

मिथलेश सिंह मिलिंद

Inspirational

विधान

विधान

1 min
257


दूर से बुला रही विभावरी उषा समीप

सामने पहाड़ है दहाड़ से डरो नहीं।

चाल ढाल नेक भाव साम्य का सुझाव साथ

जीत पास आ रही चुनाव को करो सही।।

साम दाम दण्ड भेद सृष्टि का विधान एक 

काल के कराल से डरे सभी नरो ग्रही।

शस्त्र जो उठा लिया सवाल पुण्य पाप शून्य

भाग्य का लिखा हुआ विधान जो भरो वही।। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational