STORYMIRROR

मिथलेश सिंह मिलिंद

Inspirational

4  

मिथलेश सिंह मिलिंद

Inspirational

शहीदों के नाम

शहीदों के नाम

1 min
570


(1)

भारत की शान पर,ज़िन्दगी का दान कर 

मातृ-भूमि ढ़ाल बने,उनको नमन है, 


असेम्बली धूँ-धूँ जली,बिट्रिश की नींव हिली,

 वीरता मिसाल बने,उनको नमन है, 


धर्म को धिक्कार कर,एकता पुकार कर,

रण में जो कूद गए, उनको नमन है, 


अँग्रेजों की फूट रूपी,नीतियों को भाँप कर,

भर गएँ जो हुंकार, उनको नमन है! 

…………………………………………

(2)

आज़ादी की माँग पर,खुद लगा दाँव पर,

अँग्रेजों का सवाल तू,तुझको नमन है, 


झुका नहीं डरा नहीं,तू राह से हटा नहीं,

संभावना त्रिकाल तू,तुझको नमन है, 


मन में बसा है सोच,शान्ति,सरल राष्ट्र का,

त्यागा जीव-जंजाल तू,तुझको नमन है ,


इंकलाब बोल कर, झूल गया फाँसी पर,

क्रांति रूपी काल बना, तुझको नमन है ,!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational