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Payal Khanna

Abstract

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Payal Khanna

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वह बाल दिवस का दिन

वह बाल दिवस का दिन

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जल्दी जल्दी आए वह दिन यारा

होता यह हर बच्चे का अरमान प्यारा

जब आया वह दिन हर कोई मुस्कुराया है

बाल दिवस मनाएंगे सब बड़े धूमधाम से हर किसी ने चाहा है


हर बच्चा उस दिन होता बहुत ही खास है

हर जगह हो रहा बस बच्चों का ही तो नाम है

 उस दिन हर चीज वही हो जो चाहे बच्चों का मन है

चाहे फिर वह वह हो स्कूल, ट्यूशन यहां फिर उनका अपना भवन है


चॉकलेट, खिलौनों की दुकानों पर तो लगती भिड़ आपार है

हर ख्वाहिश बच्चों की होती उस दिन साकार है

नाच-गाकर मनाते सब यह त्योहार हैं

मुस्कान से हर बच्चे की खिल जाता यह संसार है

बच्चों से ही तो होती रौनक बेशुमार है


वही तो होते हर किसी को प्यारे अपार हैं

छोटे हो चाहे बड़े हो बच्चे प्यारे बड़े यार हैं

हर किसी को मुस्कुरा देते वह अपनी बातों से बारंबार है 

इस धरती के जो बहुत जरूरी भाग है


बच्चे होते सच मे बहुत ही खास हैं।।

बच्चे होते सच मे बहुत ही खास है।।


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