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Shubhi Agarwal

Abstract

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Shubhi Agarwal

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वास्विकता

वास्विकता

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120


अगर आंसू ना होते तो 

आँखे खूबसूरत कैसे लगतीं

अगर दर्द ना होता तो 

खुशियों की अहमियत कैसे पता चलती 

अगर भगवान ना होते तो

लोगों को अपना दयारा कैसे पता चलता ।



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