STORYMIRROR

Ankit soni

Romance

2  

Ankit soni

Romance

वादे

वादे

1 min
189

इतने भी झूठे वादे किसी को दिलाए नहीं

के ज़रा में आए कहकर कभी आए नहीं


एक उमर गुज़री जो राज़ जानने में,

हम सफ़र होकर भी उन्होंने बताए नहीं


सांझ की लाली लाओगी, बात वाली बात थी

रात नीली आ गई, तुमने रंग दिखाए नहीं!


हम मिलेंगे, और मिलकर गले मिलेंगे

दो वादे थे, वो भी निभाए नहीं!


इतने भी झूठे वादे किसी को दिलाए नहीं। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance