Ashish Tyagi
Tragedy
ऊपर वाले का नियम है, वो सिखलाता रहता है
कभी बुरे, कभी अच्छे दिन दिखलाता रहता है,
सीख सको तो सीखो, ये, कई सौ सालों में होता है
जीव जंतु उन्मुक्त और इंसां बंद पिंजरों में सोता है।
ऊपर वाले का न...
दीया
मरकज और कोरोन...
तुम
मुस्कुराहट को...
शहर की आब-ओ-हवा है ठीक नही तुम अभी आना नही। शहर की आब-ओ-हवा है ठीक नही तुम अभी आना नही।
जानते हैं वे जल, जंगल, जमीन खोने का दर्द। जानते हैं वे जल, जंगल, जमीन खोने का दर्द।
बस रिकार्ड बाबू हमे समझो बना कर रख दिया नई शिक्षा नीति ने शिक्षक को बाबू बना दिया। बस रिकार्ड बाबू हमे समझो बना कर रख दिया नई शिक्षा नीति ने शिक्षक को बाबू बना ...
अब पहले जैसा भी कुछ नहीं रहा बस खालीपन है आंखों में सबके और दिल में घोर सन्नाटे . अब पहले जैसा भी कुछ नहीं रहा बस खालीपन है आंखों में सबके और दिल में ...
है वही दिन,रात का रोना। वही दरके हुए गाने, वही रूठा जमाना। है वही दिन,रात का रोना। वही दरके हुए गाने, वही रूठा जमाना।
आज जब सदियों की खोज के बाद उसने ढूंढ़ लिया है 'ना ' शब्द। आज जब सदियों की खोज के बाद उसने ढूंढ़ लिया है 'ना ' शब्द।
कुछ टूट रहा था, कुछ छूट रहा था, लेखन से नाता टूट रहा था। कुछ टूट रहा था, कुछ छूट रहा था, लेखन से नाता टूट रहा था।
पंक्तियों की प्रेरणा बेच दी जब जाती है, वह रमणी कोठे पर रात भर वीर्य से नहाती है। पंक्तियों की प्रेरणा बेच दी जब जाती है, वह रमणी कोठे पर रात भर वीर्य से नहात...
हौले हौले से बढ़ते ये कदम, और इनमें बहुत सारा तेरा ग़म। हौले हौले से बढ़ते ये कदम, और इनमें बहुत सारा तेरा ग़म।
एक शिकायत है तुझसे माँ,क्यों मुझे ब्याह दिया विदेस? एक शिकायत है तुझसे माँ,क्यों मुझे ब्याह दिया विदेस?
दूर देश से बेशकीमती,नक्काशीदार पिंजरा मंगवाया। दूर देश से बेशकीमती,नक्काशीदार पिंजरा मंगवाया।
सवाल है सत्ता में बैठे हुये हुक्मरानों से, क्यों नहीं बाज आते हो फालतू बयानों से। सवाल है सत्ता में बैठे हुये हुक्मरानों से, क्यों नहीं बाज आते हो फालतू बयानों...
दूर कहीं दिख रहा था एक अस्थि पिंजर, जिस पर रह गया था बस मॉंस चिपक कर। दूर कहीं दिख रहा था एक अस्थि पिंजर, जिस पर रह गया था बस मॉंस चिपक कर।
सर्वाधिक महत्वपूर्ण है पुस्तक का वह पृष्ठ, जहां मुद्रित पुस्तक का अधिकतम खुदरामूल्य। सर्वाधिक महत्वपूर्ण है पुस्तक का वह पृष्ठ, जहां मुद्रित पुस्तक का अधिकतम खुदर...
मेरे हिंदू मुस्लिम बच्चों को आपस में लड़ाया जाता है मेरे हिंदू मुस्लिम बच्चों को आपस में लड़ाया जाता है
काव्य कुसुम कानन में कविता, कलुषित हुई कहो कैसे? काव्य कुसुम कानन में कविता, कलुषित हुई कहो कैसे?
देखो रेल की पटरी के किनारे बनी ये बस्तियां, है उघड़े दरवाजे औ झांकती बंद खिड़कियां। देखो रेल की पटरी के किनारे बनी ये बस्तियां, है उघड़े दरवाजे औ झांकती बंद खिड़...
देखो उस पृथ्वी का मानव ने आज यह कैसा हाल किया है? देखो उस पृथ्वी का मानव ने आज यह कैसा हाल किया है?
आज मैं गाँव से लौटा हूँ। मन में गहन पीड़ा लिए बैठा हूँ। आज मैं गाँव से लौटा हूँ। मन में गहन पीड़ा लिए बैठा हूँ।
इस जीवन के बाद क्या पता, कौन सी राह पर फिर कहाँ मिलें? इस जीवन के बाद क्या पता, कौन सी राह पर फिर कहाँ मिलें?