STORYMIRROR

lalita Pandey

Inspirational

4  

lalita Pandey

Inspirational

उसने जीतना सीख लिया

उसने जीतना सीख लिया

1 min
248

उसने हार कर जीतना सीख लिया है

वो उठ कर पुनः खड़ा हो गया है

हो गया था ध्वस्त जो 

अपनी ही शिराओं से

आज वो उन्हीं से शीर्ष तक लिपटा हुआ है

जी रहा है 

और सबका पथ प्रदर्शक बन

राह चुन रहा है,

कर रहा है दान कभी प्लाजमा तो

कभी रक्त का मोह छोड़ रहा है,

वो निर्भीक है 

साहस का प्रतिरूप बन

समाज में खुशियाँ बिखेर रहा है

पा ली है विजय उसने

अपने ही डर पर

हरा दिया है कोरोना को निडर हो

थोड़ा संयम और थोड़ी सावधानी रख

हो गया है पूज्यनीय 

इस डर के पथ पर 

दे रहा है सीख

सभी पथिकों को

डरो नही लड़ो

तुम हो हिन्दुस्तानी माटी के लाल

जिसकी माटी में छिपा है

वीरता का गुण महान।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational