STORYMIRROR

Rashmi Lata Mishra

Inspirational

2  

Rashmi Lata Mishra

Inspirational

उमंगों का महावर

उमंगों का महावर

1 min
212


उमंगों का महावर मन में लगा

आकाश में जैसे उड़ने लगी मैं।

भावनाओं की उद्धार तरंगें लिए

हवाओं के साथ बहने लगा,

उमंगों का महावर।


सपनों को सजाने लगी

ले उमंगों का महावर

साकार स्वप्न करने हेतु

चलाने लगी श्रम का हल

ले उमंगों का महावर।


श्रम सिंचित धरा महक उठी,

लहलहा उठी कर्मों की फसल

ले उमंगों का महावर।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational