STORYMIRROR

Ekta Sharma

Inspirational

3  

Ekta Sharma

Inspirational

उम्मीदों की लहरें

उम्मीदों की लहरें

1 min
254

लहरें उम्मीदों की दिल में उठती है बेहिसाब,

सपने भी आंखों में सजते हैं बेहिसाब।


लहरे किनारों पर आकर वापस लौट जाती है,

वैसे ही उम्मीदें भी पूरी होते-होते अधूरी रह जाती हैं।


जिंदगी में मुसीबतों के तूफान भी आते हैं,

जो हमें हालातों का सामना करना सिखाते हैं।


अबकी बार जब उम्मीदों की लहरें किनारे पर आए,

तो मेरा दामन भी खुशियों के पानी से भीग जाए।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational