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Anita Chandrakar

Abstract

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Anita Chandrakar

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उम्मीद

उम्मीद

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अपने खूबसूरत ख़्वाब को, थककर अधूरा मत छोड़ना।

न करना कमी कोशिश में, बाधाओं की जंजीर तोड़ना।


खुशियाँ आएगी द्वार, उम्मीद का दामन थामे रहना।

सोने सा चमकना है तो, तपन दर्द का होगा सहना।


एक एक सीढ़ी चढ़ते जाना, मंजिल क़दमों में होगी।

राह की मुश्किलों से घबराकर, लक्ष्य से मत भटकना।


गिरकर सम्हलना होगा, अगर मंज़िल तक है पहुँचना।

मत देखो शेखचिल्ली सा सपना, काँटों पर पड़ेगा चलना।


महकना फूलों की तरह, अंधेरी राहों पर दीपक सा जलना।

भूलकर अतीत की दुखद बातें, ज़िन्दगी में आगे बढ़ना।


मेहनत और लगन के सहारे, सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ना।


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