STORYMIRROR

नूपुर Noopur शांडिल्य Shandilya

Abstract

2  

नूपुर Noopur शांडिल्य Shandilya

Abstract

उजाला

उजाला

1 min
405

यदि दिया बालना

आता है तुमको,

फिर अंधेरा है कहाँ ?


मन में हो

या भुवन में,

टिम टिम तारे

चंद्रमा दूधिया

जुगनू

चूल्हा रसोई का ..


सब साथी हैं तुम्हारे,

भीतर बाहर

सब मिल कर

करते रहेंगे उजाला।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract