Manu Sweta
Inspirational
एक बौनी उड़ान
जीत लूं जहान
बस छू लूं अपने
सपनों का आसमान
थोड़ी सी हिम्मत
थोड़ा सा जुनून
और थोड़ा दिल का सुकूँ
बस एक मुट्ठी आसमान
जिसके तले मेरी
सारी दुनिया
उड़ान बौनी ही सही
लेकिन हो दमदार
जिसमे मेरे सपने
जाए सारे पूरे।
ज़िन्दगी
मेरा सफर
एक शाम
चाँद
तेरी यादें
रहगुज़र
हे खग
साँसों की शब
कुछ गमलों मे मैने बीज बोये दस रोज के बाद उसमे कुछ नन्हे हरे पत्ते निकल आये। कुछ गमलों मे मैने बीज बोये दस रोज के बाद उसमे कुछ नन्हे हरे पत्ते निकल आये।
जन्मदिन मानते हैं शुभ ये अच्छी लगती है बात। जन्मदिन मानते हैं शुभ ये अच्छी लगती है बात।
प्रकृति की गोद में वो बड़ा सुहाना बचपन था, उम्र से पहले बड़े होते बचपन से वो अलग था। प्रकृति की गोद में वो बड़ा सुहाना बचपन था, उम्र से पहले बड़े होते बचपन से वो अल...
मुस्कुराओ खिलखिलाओ यही जिंदगी की सच्ची निशानी है। मुस्कुराओ खिलखिलाओ यही जिंदगी की सच्ची निशानी है।
और खो देते अपना, आत्मविश्वास जीवन के, अंतिम श्वास तक... और खो देते अपना, आत्मविश्वास जीवन के, अंतिम श्वास तक...
बड़ा पुण्य का कार्य है तनिक संकोच मत करना। जीवन के बाद भी जीवन हो ऐसा अपना मरना। बड़ा पुण्य का कार्य है तनिक संकोच मत करना। जीवन के बाद भी जीवन हो ऐसा अपना मरन...
जीवन के बाद जीवन ही है नवजीवन। जीवन के बाद जीवन ही है नवजीवन।
न किसी को भाग्य से ज्यादा न कम मिलता, जितना लिखा उतना ही तो वो पाएगा। न किसी को भाग्य से ज्यादा न कम मिलता, जितना लिखा उतना ही तो वो पाएगा।
इसलिए जो करना है अभी कर लो, जीवन के बाद तो जो किया है वो भोगना होगा। इसलिए जो करना है अभी कर लो, जीवन के बाद तो जो किया है वो भोगना होगा।
कल्पना का अंश विश्लेषण में भी कल्पना का अंश समालोचन में भी। कल्पना का अंश विश्लेषण में भी कल्पना का अंश समालोचन में भी।
विद्या विनय विवेक में, बसते हैं सब मान। ऐसा व्यक्ति प्रकाश हैं, देते सबको ज्ञान।। विद्या विनय विवेक में, बसते हैं सब मान। ऐसा व्यक्ति प्रकाश हैं, देते सबको ज्ञ...
खेलते कूदते जो बड़े हो जाते तन मन को वो स्वस्थ बनाते। खेलते कूदते जो बड़े हो जाते तन मन को वो स्वस्थ बनाते।
हार गया इसके सामने तो बन न पाएगा शूरवीर। हार गया इसके सामने तो बन न पाएगा शूरवीर।
अगर जहां की परियों ने, अपने अस्तित्व की अहमियत को निहारा। अगर जहां की परियों ने, अपने अस्तित्व की अहमियत को निहारा।
बाँसुरी मधुर तो बजा के गया राधिका का चैन चुरा के गया।। बाँसुरी मधुर तो बजा के गया राधिका का चैन चुरा के गया।।
सत्तावन की तलवार लिखूँ। शोणित की बहती धार लिखूँ। सत्तावन की तलवार लिखूँ। शोणित की बहती धार लिखूँ।
हो हिंदी का प्रसार जगत में अब तो है कर्त्व्य हमारा। हो हिंदी का प्रसार जगत में अब तो है कर्त्व्य हमारा।
तोहफा दिया जिसने करवटों का सिलसिला चैन व नींद रूठ जाए, उसका दिन-रात से। तोहफा दिया जिसने करवटों का सिलसिला चैन व नींद रूठ जाए, उसका दिन-रात से।
दुनिया से कर प्यार को, सभी रखेंगें मेल।। दुनिया से कर प्यार को, सभी रखेंगें मेल।।
तेरी मिट्टी कि खुशबु पे निसार मेरा जीवन फिर क्या लिखूँ मैं। तेरी मिट्टी कि खुशबु पे निसार मेरा जीवन फिर क्या लिखूँ मैं।