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Manu Sweta

Abstract

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Manu Sweta

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साँसों की शब

साँसों की शब

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साँसों की शब को जिंदगी की सहर मिल गयी

मेरी टूटी सी शायरी को ग़जल की बहर मिल गयी

आप आये जो खुशियों की सौगात लेकर

मेरी उदास किश्ती को उम्मीदों की लहर मिल गई।

यूँ तो ज़िन्दगी में हर शख्स कुछ खास होता है

सब साथ हो तो खुशियों का अहसास होता है

यूँ ही नहीं होता है सफल हर शख़्स दुनिया में

अपनों की दुआओं का असर पास होता है।

प्यासी धरा को बरसात की आस होती है

बंजर धरती को हरियाली की आस होती है

जिस तरह से खिल जाते है फूल चमन में

हर किसी को आपके दीद की आस होती है।

साँसों की शब को जिंदगी की सहर मिल गयी

मेरी टूटी सी शायरी को ग़जल की बहर मिल गयी


आप आये जो खुशियों की सौगात लेकर

मेरी उदास किश्ती को उम्मीदों की लहर मिल गई।

यूँ तो ज़िन्दगी में हर शख्स कुछ खास होता है

सब साथ हो तो खुशियों का अहसास होता है

यूँ ही नहीं होता है सफल हर शख़्स दुनिया में

अपनों की दुआओं का असर पास होता है।

प्यासी धरा को बरसात की आस होती है

बंजर धरती को हरियाली की आस होती है

जिस तरह से खिल जाते है फूल चमन में

हर किसी को आपके दीद की आस होती है।


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