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कुमार संदीप

Abstract Inspirational

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कुमार संदीप

Abstract Inspirational

तू रुक मत

तू रुक मत

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बिना थके बिना रुके

मंजिल का राही तू चल

हाँ तू लड़ मुश्किलों से

हाँ तू डटकर सामना कर 

तू होगा सफल एक दिन निश्चित


बस तू बिना थके निरंतर प्रयास कर

चाहे रास्ते में हो घनघोर अँधेरा

चाहे रास्ते में हो कांटे ही कांटे


चाहे मंजिल की राह में

हो दुख ही दुख

तू फिर भी चल

तू कभी मत रुक


तू आत्मविश्वास ख़ुद का बढ़ा 

तुझे सफलता निश्चित मिलेगी

बस ख़ुद पर रख विश्वास तू

रास्ते में आए कभी यदि कोई


भी मुश्किल तू कर सामना

हौसला रख अटल अटूट

तू होगा सफल एक दिन यह निश्चित है


बस राह में मिली कांटों से घबरा

तू रुकना मत

हाँ तू रुकना मत।


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