STORYMIRROR

Jalpa lalani 'Zoya'

Abstract Drama Tragedy

3  

Jalpa lalani 'Zoya'

Abstract Drama Tragedy

तुमको शायद याद नहीं

तुमको शायद याद नहीं

1 min
207

तुमको शायद याद नहीं,

मोहब्बत की राह तुमने ही दिखाई थी


तुमको शायद याद नहीं,

मेरे अंदर जज़्बातों की लड़ी तुमने जगाई थी


तुमको शायद याद नहीं,

मुझसे मिलने की ख़्वाहिश बेइंतहा तुम्हें थी


तुमको शायद याद नहीं,

मेरी ज़िंदगी में रंग भरने की बात तुमने की थी


तुमको शायद याद नहीं,

वो झूठे वादें जो तुमने मुझसे किए थे


तुमको शायद पता नहीं,

मेरे आँसू सूख जाएंगे फिर तुम्हारी बारी है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract