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Dr Sushil Sharma

Romance

4  

Dr Sushil Sharma

Romance

तुम्हारे साथ

तुम्हारे साथ

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मैं तो जागना चाहता हूँ

तुम्हारे साथ रात भर।

पर क्या तुम मेरे साथ

मेरे सपनों में चलोगी।

जहाँ तुम्हारी संदली बाहें 

मेरे चारों ओर बनाती हो प्यार के घेरे।

जहाँ तुम्हारे

काले घुँघराले बालों में

मैं मोंगरे का ग़ज़रा लगता हूँ।

जहाँ तुम्हारे शबनमी होंठ 

सिर्फ मुझे गुनगुनाते हों।

जहाँ तुम्हारे रेशमी बदन

की चादर पर मैं बिछ जाता हूँ

खिलखिला कर फूलों की मानिंद।

जहाँ तुम्हारे पलकों की कोरों पर

मेरे प्रेम के आँसू झलकते हों।

जहाँ तुम्हारे पूरे अस्तित्व को

मैंने अपनी सांसों में समेटा हो।

जहाँ मैं तुम्हारे साथ सरपट भागूँ।

जहाँ तुम मेरी बाहों में सो जाओ

मैं तुम्हारी याद में सारी रात जागूँ।


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