तुम
तुम
तुम मेरी ताकत हो,मेरे सृजन का स्रोत,
तुम्हारी प्रेरणा का जलता है दीया हर रोज़
जब टूटते थे सपने तुमने किया जोड़ने का काम
तुम्हारी हिम्मत ने सिखाया कैसे करें अपना नाम
तुम हो वो रोशनी,जो ले आती है सवेरा,
तुम्हारी शक्ति में छिपा है हर संघर्ष का बसेरा
तुम हो मेरे सपनों का वो सुन्दर आधार,
तुम्हारे होने से बनता है हर सपना साकार
तुम हो मेरे अस्तित्व का वो खास हिस्सा,
मेरे दिल में समाया है तेरा हर एक किस्सा
NOOR E ISHAL

