Krishna Khatri
Romance
पूनम की रात
चांदनी बिखेरता चाँद
आस-पास में
झिलमिल सितारे
और....
बीच में तुम !
यही इल्तिजा ह...
जब तक मीठा न ...
फितरत !
जी भर के जी ल...
जी लेंगे हम द...
आंखों ने देखा...
खलिश !
अश्रु मेरे .....
मां तुम अमृता...
मैं तो जागना चाहता हूँ तुम्हारे साथ रात भर। पर क्या तुम मेरे साथ मेरे सपनों में चलोग मैं तो जागना चाहता हूँ तुम्हारे साथ रात भर। पर क्या तुम मेरे साथ मेरे स...
अगर मुझे हो जाये प्यार तुमसे तो मुझे इतना बता दो , तुम इंकार कैसे करोगी। अगर मुझे हो जाये प्यार तुमसे तो मुझे इतना बता दो , तुम इंकार कैसे करोगी...
कभी कभी सोचता हूँ तुम्हारी हमारी जिंदगी तो एक फ़ाइल की तरह है। कभी कभी सोचता हूँ तुम्हारी हमारी जिंदगी तो एक फ़ाइल की तरह है।
खुश रहो तुम दोनों सदा मगर ....... खुश रहो तुम दोनों सदा मगर .......
कहीं किसी रोज ,कभी न कभी मेरे उम्मीदों के आंगन में हसरतों के लाल हरे पीले फूलखिलेंगे कहीं किसी रोज ,कभी न कभी मेरे उम्मीदों के आंगन में हसरतों के लाल हरे पीले...
हां ! मुझे कुछ तुमसे है कहना आज तलक जो कहा ना! हां ! मुझे कुछ तुमसे है कहना आज तलक जो कहा ना!
" शोर की इस भीड़ में .. ख़ामोश तन्हाई-सी तुम... ज़िन्दगी है धूप तो .. मदमस्त पुरवाई-सी " शोर की इस भीड़ में .. ख़ामोश तन्हाई-सी तुम... ज़िन्दगी है धूप तो .. मदमस्त ...
मंजूर नहीं था मुझे बदल जाना। मंजूर नहीं था मुझे बदल जाना।
लाल साड़ी और गहने पहन पूनम का चाँद बन जाऊँगी, आज खुद को मैं ऐसा सजाऊँगी। लाल साड़ी और गहने पहन पूनम का चाँद बन जाऊँगी, आज खुद को मैं ऐसा सजाऊँगी।
तू तो हर जगह, हासिल है. तू तो हर जगह, हासिल है.
सारे बंधन संसार के सारे बंधन नातों के मैं छोड़ आई सारे बंधन संसार के सारे बंधन नातों के मैं छोड़ आई
सानिया और अलीशा कजि़न थी और बचपन से बेस्ट फ्रेंड थी. सानिया और अलीशा कजि़न थी और बचपन से बेस्ट फ्रेंड थी.
मेहंदी रचे हथेली यह तेरे हर रंगों के फूल खिला देते हसीन ख्वाबों में मेरे मेहंदी रचे हथेली यह तेरे हर रंगों के फूल खिला देते हसीन ख्वाबों में...
हम दोनों नदिया के तीरे मध्य हमारे अविरल धारा। हम दोनों नदिया के तीरे मध्य हमारे अविरल धारा।
वो चुम्बन दृस्टि का दृस्टि से और आत्म का आत्म से हो आध्यात्मिक होगा । वो चुम्बन दृस्टि का दृस्टि से और आत्म का आत्म से हो आध्यात्मिक होगा ।
मेरे बाद तुम लिखना मेरी कहानी। मेरे बाद तुम लिखना मेरी कहानी।
हमें अपने पवित्र प्रेम को बोलकर मलिन नहीं करना है. हमें अपने पवित्र प्रेम को बोलकर मलिन नहीं करना है.
वह संदर्भ है, मेरी संपूर्ण रचना का। मैं प्रसंग हूं! वह संदर्भ है, मेरी संपूर्ण रचना का। मैं प्रसंग हूं!
आईने में प्रतिबिंब न दिखा। तुम मुझसे समा चुके हो । आईने में प्रतिबिंब न दिखा। तुम मुझसे समा चुके हो ।
तुम्हारे जाने के बाद दरों दीवार सब खामोश से खिसियाते से लगते हैं। तुम्हारे जाने के बाद दरों दीवार सब खामोश से खिसियाते से लगते हैं।