Krishnakumar Mishra
Romance
तुम सुबह सी हो
मैं शाम सा हूँ
संग जो हूँ तेरे तो बनता हूँ ख़ास
बिन तेरे मैं आम सा हूँ
तेरे नाम से बनता है मेरा नाम
तेरे नाम बिन मैं बदनाम सा हूँ
मैं शाम सा हूँ !
रात तो होती ह...
तुम सुबह सी ह...
बड़ी खूबसूरत य...
कैसे - एक सव...
अधूरी मोहब्बत
क्या सच मे तु...
माँ
रात अंधेरे बजने लगे तो खुल जाये वह राज हूँ मैं। रात अंधेरे बजने लगे तो खुल जाये वह राज हूँ मैं।
एक - दूजे में हम खोजाये, नयनों से अब बातें हो जाये, एक - दूजे में हम खोजाये, नयनों से अब बातें हो जाये,
वो तेरे साथ ही झूठे वादों की कसमें धरेगी। वो तेरे साथ ही झूठे वादों की कसमें धरेगी।
मेरी बारिश में तेरे गुमनाम रास्तों को भीगने दे मेरी बारिश में तेरे गुमनाम रास्तों को भीगने दे
बाक़ी कुछ भी नहीं अब ,बोलो क्या चुराने आते हो ?? बाक़ी कुछ भी नहीं अब ,बोलो क्या चुराने आते हो ??
यूं ही देना हमेशा मेरा साथ, थामे रहना मेरा हाथ। यूं ही देना हमेशा मेरा साथ, थामे रहना मेरा हाथ।
जिंदगी के शतरंज में खुद को प्यादा लिख देता हूं तेरे बारे मे जो सोचता हूं, थोड़ा ज़्या जिंदगी के शतरंज में खुद को प्यादा लिख देता हूं तेरे बारे मे जो सोचता हूं, थो...
अमृत छलका वेदनाओं के मंथन पर तुमने ऐसे देखा कि देख भी न पाए। अमृत छलका वेदनाओं के मंथन पर तुमने ऐसे देखा कि देख भी न पाए।
तुझे मिल कर, तुझे छू कर देखूं जी चाहता है तेरा होकर देखूं। तुझे मिल कर, तुझे छू कर देखूं जी चाहता है तेरा होकर देखूं।
निगाहों में निगाहें बैठ जाए फिर कुछ कहो कुछ हम तुमसे कहें कुछ तुम हमसे कहो निगाहों में निगाहें बैठ जाए फिर कुछ कहो कुछ हम तुमसे कहें कुछ तुम हमसे कहो
तेज बारिश और झूमते पेड़ चेहरे पर पडती ठंडक सिहरते मन के पोर,,, तेज बारिश और झूमते पेड़ चेहरे पर पडती ठंडक सिहरते मन के पोर,,,
यहाँ कोई वियोग का योग नहीं। यहाँ कोई वियोग का योग नहीं।
जब भी तुम अपने फूल जैसे कोमल उन लबों को मेरे लबों पर रखती हो! जब भी तुम अपने फूल जैसे कोमल उन लबों को मेरे लबों पर रखती हो!
तुम खुशबू हो मेरे जीवन की, तुम ही हो इसको महकाती। तुम खुशबू हो मेरे जीवन की, तुम ही हो इसको महकाती।
चाहता हूं तुम्हें जान से ज्यादा हमेशा रहूँगा तेरे साथ सदा । चाहता हूं तुम्हें जान से ज्यादा हमेशा रहूँगा तेरे साथ सदा ।
नक़ाब मत हटाना, "शकुन" वर्ना लोग समझ जायेंगे। नक़ाब मत हटाना, "शकुन" वर्ना लोग समझ जायेंगे।
क्यों तेरी याद ने भिगो दिए मेरे नयन क्यों तेरी याद ने भिगो दिए मेरे नयन
अक्सर आपके बारे में सोचा करते हैं कभी सोचा न था कि ऐसा भी दिन आएगा। अक्सर आपके बारे में सोचा करते हैं कभी सोचा न था कि ऐसा भी दिन आएगा।
तू ही राहत है तू ही चाहत है तू ही धड़कन है तू ही तड़पन है। तू ही राहत है तू ही चाहत है तू ही धड़कन है तू ही तड़पन है।
चलो आज कुछ बात करें, कुछ तुम कहो कुछ हम कहें! चलो आज कुछ बात करें, कुछ तुम कहो कुछ हम कहें!