STORYMIRROR

Anuradha Shrivastava

Abstract Romance Classics

4  

Anuradha Shrivastava

Abstract Romance Classics

तुम सा

तुम सा

1 min
304

फूल तो कई होते हैं

 पर गुलाब की अपनी पहचान होती है


एक हो या हजारों में हो गुलाब

हर एक की अपनी कहानी होती है


ख्वाबों में तो कहीं किताबों में मिलता गुलाब

बीते लम्हों की निशानी होती है


सूखकर भी महकता गुलाब बिखर कर भी सजता 

हर रुप में उसकी सुंदरता झलकती है 


प्रेम की कहानी लिखता गुलाब

 बिन गुलाब बात अधूरी लगती है


खिलता बिखरता हर मौसम 

गुलाब तुम सा मेरा जीवन।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract