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ADITYA KRISHNAA

Abstract Romance

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ADITYA KRISHNAA

Abstract Romance

तुम काफी हो

तुम काफी हो

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जिंदगी...

क्या पूरी और क्या आधी है,

साथ तुम यार हो, बस यही काफी है।


क्या रंगीन और क्या सादी है,

साथ तुम यार हो, बस यही काफी है।।


क्या तीरथ और क्या हज इत्यादि है,

साथ तुम यार हो, बस यही काफी है।


क्या प्रेम और क्या आजादी है,

साथ तुम यार हो, बस यही काफी है।।


क्या सलीका और क्या उन्मादी है,

साथ तुम यार हो, बस यही काफी है।


क्या अंत और क्या "आदि" है,

साथ तुम यार हो, बस यही काफी है ।।



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