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GOPAL RAM DANSENA

Abstract Inspirational

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GOPAL RAM DANSENA

Abstract Inspirational

तुम दोस्त ही रहना

तुम दोस्त ही रहना

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जब हो जाए

मन मेरा बोझिल

जब दुनिया से ना

रहूं जुल मिल

एक तुम ही हो

सम्भालने के काबिल

अपना फर्ज निभाना

तुम कभी खामोश न रहना

तुम दोस्त हो मेरे

तुम दोस्त ही रहना

कपट भरी है

जीवन की राहें

स्वार्थ पर टिकी है

सबकी निगाहें

आत्मा और आत्मीयता

सब चूर हो रहे हैं

रिश्ते और मानवीयता

सब दूर हो रहे हैं

पाक रखना नियत

गुरूर में मदहोश न रहना

तुम दोस्त हो मेरे

तुम दोस्त ही रहना


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