STORYMIRROR

GOPAL RAM DANSENA

Abstract Inspirational

3  

GOPAL RAM DANSENA

Abstract Inspirational

तुम दोस्त ही रहना

तुम दोस्त ही रहना

1 min
180

जब हो जाए

मन मेरा बोझिल

जब दुनिया से ना

रहूं जुल मिल

एक तुम ही हो

सम्भालने के काबिल

अपना फर्ज निभाना

तुम कभी खामोश न रहना

तुम दोस्त हो मेरे

तुम दोस्त ही रहना

कपट भरी है

जीवन की राहें

स्वार्थ पर टिकी है

सबकी निगाहें

आत्मा और आत्मीयता

सब चूर हो रहे हैं

रिश्ते और मानवीयता

सब दूर हो रहे हैं

पाक रखना नियत

गुरूर में मदहोश न रहना

तुम दोस्त हो मेरे

तुम दोस्त ही रहना


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract