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Neeraj pal

Inspirational

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Neeraj pal

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तुम बिन।

तुम बिन।

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गुरुवर, अब तो राखो लाज हमारी

तड़प रहा हूँ प्रभु दर्शन को ,सुन लीजौ अरज हमारी


निशिदिन ध्यान धरुँ मन में, पर मन ना लगत हमारो

कोशिश करते बरसों बीते, हिम्मत अब मैं हारो


मन भी तुम्हारा ,तन भी तुम्हारा, सौंपा सब घर बार

कर न सका कुछ अच्छे कर्म ,जो पहुंचता तुम्हरे दरबार


तुम बिन मेरा कोई ना इस जग में, किससे आस लगाऊँ

मात-पिता तो छोड़ गए मुझको, व्यथा अब किसे सुनाऊँ


मैं भिखारी अनाथ ठहरा, तुम अनाथें के नाथ

"नीरज" की अब परीक्षा ना लो, दे दो अपना साथ।


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