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Prabhawati Sandeep wadwale

Romance Tragedy Fantasy

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Prabhawati Sandeep wadwale

Romance Tragedy Fantasy

तुम और मै

तुम और मै

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मुझे धन दौलत कुछ भी नही चाहिये

मुझे सिर्फ तुम्हारा साथ चाहिये

खुले आसमान के नीचे

तेरे प्यार की कबुली चाहिये


मेरे से तुम दूर क्यू भागते हो

मुझे मीठी मे ले लो ना

मेरे कानो मे कुछ तो कुजबुज

कुछ तो बोलो ना


मेरे उपर से आप के प्यार का

कबूल नामा चाहिये

कितने दिन अबोल रहेंगे आप

सबसे दूर जा कर


चार शब्द कब बोलेंगे आप

आपके पास सबके लिये वक्त है

मेरे लियेे वक्त ही नही हैं

मेरे साथ एक दिन तो जीवन जीई आप

मैं कैसी दिखती हूँ


मुझे क्याा पसंद है

कभी तो जानने की कोशिश

तो कीजिए आप

आप बोलते हो मैं आपके लिय खास हूँ


कभी तो दिखा तो दीजिए 

एक बार तो प्यार काा इजहार तो कीजिए

मेरे प्यार की गर्मी को

कभी तो महसूस किजिये


कही बाहर तो लेके जाये मुझे

वहाँ आप और मैं हूँ


आप हमेशा बिजी रहते हो

मेरे लिये वक्त तो निकालिये

मेरे में कभी तो खो जाये आप।


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