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Vikas Rohilla

Abstract

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Vikas Rohilla

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तुझ संग प्रीत

तुझ संग प्रीत

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मेरी तुझ संग प्रीत लग गयी थाम लो मेरा हाथ! 

मुझे ना चिंता किसी की है अब चाहिये तेरा साथ!! 


तेरा हुआ ये तन मन मेरा तेरे हुये अब ये मेरे प्राण! 

तेरे बिना ना जीना अब तो तेरे बिना जिंदगी रही ना आसान!!


मन से मन का मेल यही है प्रित ऐसे ही दिल मे पले! 

होंठो पे ठहरी जो बात को नैनो की अब भाषा मिले!! 


सुन के तेरी आवाज मधुर सी मेरे दिल का फूल खिले! 

तेरे मेरे प्यार का संगीत अब तो मेरे दिल मे चले!!


आज तेरे मेरे मिलन मे उसी राग का दौर चल गया! 

मैने जब तुझको देखा मन मे "विकास"प्यार का दीप जल गया!! 



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