मेरी बेटी मेरा सम्मान
मेरी बेटी मेरा सम्मान
इस दुनिया मे आई जब सबके मन को भाई मेरी बेटी
अपनी हसी खुशी से सारा घर महकाई मेरी बेटी
सब रोगो की दवा ममता का सम्मान है मेरी बेटी
जीवन की एक आस पिता का मान है मेरी बेटी
आँगन की तुलसी परिवार की शक्ति है मेरी बेटी
माँ बाप की शान और पूजा मे भक्ति है मेरी बेटी
उड़ने दिया खुला तो उसको आसमान छू कर आयेगी मेरी बेटी
क्यूँ डरू मैं हैवानी दुनिया से अकेली सब पर भारी पड जायेगी मेरी बेटी
मानता हूँ रास्ते कठीन है पर मंजिल तक जायेगी मेरी बेटी
है मुझे विश्वास उस पर कभी ना दुःख पहुचायेगी मेरी बेटी
हौसले है बुलंद उसके अधुरे सपने पूरे कर के दिखायेगी मेरी बेटी
उसमें ताकत कम नहीं है अपना हर फर्ज निभायेगी मेरी बेटी
नही बनेगी कमजोर कड़ी घर की ताकत बन जायेगी मेरी बेटी
शान है अपने पिता की कभी ना मुझे नीचा दिखायेगी मेरी बेटी
खेला जो अगर कोई आन से
उसके रूप दुर्गा चण्डी का धर जायेगी मेरी बेटी
आयेगा वक्त कभी अगर बुरा तो
हर दुःख मे मेरा साथ निभायेगी मेरी बेटी
मेरा गुरूर मेरी ताकत मेरा मान है मेरी बेटी
मेरा वजूद मेरी शक्ति मेरा सम्मान है मेरी बेटी
तेरी महिमा का "विकास" क्या गुणगान करे मेरी बेटी
तू तो खुद एक सम्मान है तेरा क्या सम्मान करे मेरी बेटी।
