टीम इंडिया ने रचा इतिहास
टीम इंडिया ने रचा इतिहास
टीम इंडिया ने इतिहास रचा टीम इंडिया के टी-20 विश्वकप जीतने के बाद मेरे मित्र यमराज ने मुझे फोन किया, बधाइयाँ शुभकामनाओं से लाद दिया। मैंने धन्यवाद के साथ उसे समझाया प्रिय मित्र! बधाइयाँ शुभकामनाएं तो टीम इंडिया, बीसीसीआई, कोच, कप्तान साथी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को दो। जवाब में उसने कहा - प्रभु! क्या मैं आपको बेवकूफ लगता हूँ ये बधाइयाँ शुभकामनाएं आपके लिए हैं भी नहीं, जो इतना तने जा रहे हो। अब जब टीम इंडिया ने रचा इतिहास तो मैंने भी किया एक छोटा सा प्रयास अब तुझे छोड़कर और भला किससे करता आस। बस! अब आप मुझ पर इतना एहसान कीजिए मेरी बधाइयाँ शुभकामनाएँ चुपचाप उचित स्थान और व्यक्ति तक पहुँचाइए, भले ही मेरा नाम छुपा अपने नाम का लेबल लगाइए। अब अपने खोल से तनिक बाहर तो आइए टीम इंडिया ने इतिहास रचा, इस बात का जश्न मनाइए, इस नेक सुझाव के लिए मुझे दावत पर बुलाइए हम -आप मित्र हैं, यह दुनिया को बताइए यमराज मित्र होने का फ़र्ज़ निभाने के साथ टीम इंडिया की तारीफ में एक कविता भी सुनाइए, और मेरे नाम के साथ छपवाइए। सुधीर श्रीवास्तव
