फायकू- हकीकत
फायकू- हकीकत
फायकू- जिम्मेदारी *********** आज की जरुरत है समझो जिम्मेदारी अब तुम्हारे लिए। कौन चाहता है समझना क्या कैसा कर्तव्य तुम्हारे लिए। बूंद-बूंद से भरता सबका ही घड़ा तुम्हारे लिए। अकेले तो नहीं हो विचार तो करो तुम्हारे लिए। जीवन पथ पर दौड़ना बिना किसी लक्ष्य तुम्हारे लिए। मंजिल नहीं है दूर बस जिम्मेदारी है तुम्हारे लिए। कोई नहीं है साथ आगे तो बढ़ो तुम्हारे लिए। किसकी क्या है जिम्मेदारी प्रश्न ही नहीं तुम्हारे लिए। सुधीर श्रीवास्तव
