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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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फायकू-हकीकत

फायकू-हकीकत

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फायकू- हकीकत  ********* आप भी जानते हैं  क्या है हकीकत  तुम्हारे लिए। व्यर्थ अब माथा लगाना  समझना जरूरी है  तुम्हारे लिए। मेरी बात नहीं मानी  अब सब बेकार तुम्हारे लिए। हकीकत तो सामने है अब क्या कहना  तुम्हारे लिए। हकीकत से कोसों दूर  खड़े रहना क्या तुम्हारे लिए। कौन सुनेगा बात मेरी  सब सोचते हैं  तुम्हारे लिए। दुःखी मत हो यार बहुत कुछ शेष तुम्हारे लिए। मुँह मत मोड़ तू सच स्वीकारना बेहतर  तुम्हारे लिए। हार-जीत जीवन में  आता जाता रहेगा  तुम्हारे लिए। कहाँ जायेगा भागकर  पीछा छोड़ दे तुम्हारे लिए। क्या करेगा आखिर अब हकीकत बदलेगा क्या  तुम्हारे लिए। सुधीर श्रीवास्तव 


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