STORYMIRROR

अच्युतं केशवं

Inspirational

3  

अच्युतं केशवं

Inspirational

ठिठुरी सी ठंडी रातों में

ठिठुरी सी ठंडी रातों में

1 min
323

ठिठुरी सी ठंडी रातों में

बर्फीले झंझावातों में

बना हिमालय को निज आलय

खड़े हुए हैं

अड़े हुए हैं

संघर्षों में सीना ताने

स्वयं रुद्र हैं

वीरभद्र हैं


अरे असुर उच्छेदन के हित

देवराज ही लिए वज्र है

सिद्ध यशस्वी धीर वीर ये

धवल छीर-सागरवासी से

मौन तपस्वी कैलाशी से

नयनों में ये लिए ज्वाल हैं

कुलिश देह हैं

नौनिहाल हैं


लेकर प्राण हथेली पर ये

रखे हुए भारत का पानी

इनकी बलिदानी गाथाऐं

युगों-युगों से हैं लासानी

भारत माता के सपूत ये

फैला इनका यश ललाम है

इनके श्री चरणों में कवि का

बार-बार शतशः प्रणाम है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational