ठहर जाऊँगा
ठहर जाऊँगा
तेरी जुल्फ नहीं जो बिखर जाऊँगा
आजमा लो हद से गुजर जाऊँगा
झोंका गिरा दे रेत की दीवार नहीं
तेरे वादे मैं ताउम्र ठहर जाऊँगा
तू है तो मैं, मेरी जिंदगी ये दुनिया
गर तू नहीं अगर मैं किधर जाऊँगा
मेरा इश्क इबादत तेरा दिल पत्थर
हो करम ख़ुदा बन के सुधर जाऊँगा
मैं समन्दर नहीं अपनी हर हद मे रहूँ
तेरी हँसी हर वादे मैं मुकर जाऊँगा
मैं तेरा शेर तू मेरी गजल की तरह
दिल हो असर बन मैं बहर जाऊँगा
हवा का झोंका नहीं बह नहीं सकता
तेरा साया जाये जिधर उधर जाऊँगा
खुद को तन्हा समझ मायूस मत होना
तेरी हंसी बन के नगमा मुखर जाऊँगा

