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Preeti Kukreti

Romance

3  

Preeti Kukreti

Romance

तेरी याद

तेरी याद

1 min
200

आज फिर बात करने को, क्यों तुझसे दिल चाहता है,

कुछ तेरी कुछ मेरी सुनने को दिल चाहता है,

हैं अजनबी भला, आज दूसरे से हम यूं तो,

फिर भी क्यों तेरा, हमसफर बनने को दिल चाहता है।। 


है वक्त की आदत हर गम को भरने की मगर,

क्यों वक्त भी आज मगर, हारता सा नजर आता है,

तेरी यादों के घर में, एक छोटा सा आशियाँ था मेरा,

वो आशियां फिर से क्यों, बसाने को दिल चाहता है।।



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