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तेरी गोद

तेरी गोद

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एक बार फिर तेरी पलकों में खो जाऊँ मैं,

कुछ देर शुकुन भरी नींद सो जाऊँ मैं,

फिर से तू कई लोरियाँ सुनाए,

खुद जागकर मुझको सुलाए,


ना मैं इस जहाँ का,

ना ये जहाँ मेरा,

तेरा मेरा नाता है

दुनिया में सबसे बड़ा,


तो क्यूँ ना तुझ तक ही

सिमट कर रह जाऊँ मैं,

तेरी ममता की चादर में

फिर से खो जाऊँ मैं,

क्यूँ ना एक बार फिर

तेरी गोद में चैन की नींद सो जाऊँ मैं |


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