Sandeep Sharma
Horror
तबाही का मंजर भी शरमाएगा
जब सामने हमें पाएगा।
वयं रक्षाम् व...
दीप
सपने
बुजुर्ग
परिश्रम
तानाशाही
ताकत
सरस्वती मंदिर
पर्यटन
प्रेम
वो यही चाहते की अपने जैसा बन जाए बहुत कोशिश करते है, वो यही चाहते की अपने जैसा बन जाए बहुत कोशिश करते है,
उसको हमेशा दूसरों से समानता का व्यवहार चाहिए। उसको हमेशा दूसरों से समानता का व्यवहार चाहिए।
मैं एक डरावना सपना देखकर जाग गया... मैं बहुत भयभीत हो चुका था ! मैं एक डरावना सपना देखकर जाग गया... मैं बहुत भयभीत हो चुका था !
दरवाजे पर लिखा था थोडा झुक कर चलो.... . दरवाजे पर लिखा था थोडा झुक कर चलो.... .
उस यात्री को तुम सा हमसफ़र चाहिए, उस राह को तुझ सा एक राहगीर चाहिए। उस यात्री को तुम सा हमसफ़र चाहिए, उस राह को तुझ सा एक राहगीर चाहिए।
अमावस की काली रात सुनसान गलियों में आ रही थी कुत्तों के भौंकने की आवाजें। अमावस की काली रात सुनसान गलियों में आ रही थी कुत्तों के भौंकने की आवाज...
सिर्फ इस एक लम्हे में मौत आंखों के सामने से यूं गुजरी थी, सिर्फ इस एक लम्हे में मौत आंखों के सामने से यूं गुजरी थी,
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा.. चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
आप सब आज परिवार के साथ व्यस्त रहिए। आप सब आज परिवार के साथ व्यस्त रहिए।
दोस्तों से बिना डरें देखने की शर्त लगा कर हार जाती दोस्तों से बिना डरें देखने की शर्त लगा कर हार जाती
मुर्गे निकले अकड़ अकड़ कर, पर्दा उसने खोला।। मुर्गे निकले अकड़ अकड़ कर, पर्दा उसने खोला।।
मेरे बस की बातें नहीं थी सनसनी चुप करने की मेरे बस की बातें नहीं थी सनसनी चुप करने की
सुनसान सड़क तेज हवाएंँ हो रही थी बारिश की बौछार। सुनसान सड़क तेज हवाएंँ हो रही थी बारिश की बौछार।
मगर उससे भी डरावना होता है घुल- मिल कर बहुत दूर चले जाना , मगर उससे भी डरावना होता है घुल- मिल कर बहुत दूर चले जाना ,
एक कदम जमीन में पैर रखने के ख्याल से ही डर लगता है एक कदम जमीन में पैर रखने के ख्याल से ही डर लगता है
बात 2 बरस पुरानी है, लेकिन बड़ी भयावह कहानी है. बात 2 बरस पुरानी है, लेकिन बड़ी भयावह कहानी है.
हे नारी तू चंडिका तू काली और माता शेरावाली है। हे नारी तू चंडिका तू काली और माता शेरावाली है।
बात लगभग 90 वर्ष पूर्व की है,मेरा तो जन्म भी नहीं हुआ था। बात लगभग 90 वर्ष पूर्व की है,मेरा तो जन्म भी नहीं हुआ था।
बादल गरजे जोरों से ओले पड़ते साथ साथ। बादल गरजे जोरों से ओले पड़ते साथ साथ।
मेरे अंदर उसका डर रहता है क्यों वो केवल साया रहता है।। मेरे अंदर उसका डर रहता है क्यों वो केवल साया रहता है।।