Sandeep Sharma
Horror
तबाही का मंजर भी शरमाएगा
जब सामने हमें पाएगा।
वयं रक्षाम् व...
दीप
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प्रेम
अपने प्राणों को समेटे कुछ बूढ़े अपने कभी न लौटने वाले युवा बेटों का इंतजार करते अपने प्राणों को समेटे कुछ बूढ़े अपने कभी न लौटने वाले युवा बेटों का इ...
तुम मुझे याद करना जब तुम तन्हा हो जाओ। तुम मुझे याद करना जब तुम तन्हा हो जाओ।
मिट्टी पे हैं पदचिह्न दिखे कई, पर चलने वाला दिखे नहीं। मिट्टी पे हैं पदचिह्न दिखे कई, पर चलने वाला दिखे नहीं।
कैसे जीवन जीऊंगी अब, काँप रही जीवनदान से। कैसे जीवन जीऊंगी अब, काँप रही जीवनदान से।
उस बच्ची ने अपनी मां को इशारा करके बताया कि यह रास्ता उसके गांव की तरफ जाता है। उस बच्ची ने अपनी मां को इशारा करके बताया कि यह रास्ता उसके गांव की तरफ जाता है।
यूँ बड़ी मैं क्यूँ हुई के सब लुटेरे बन गए यूँ बड़ी मैं क्यूँ हुई के सब लुटेरे बन गए
सामने दीवार बनकर हो जाये हम खड़े। सामने दीवार बनकर हो जाये हम खड़े।
आंखें खुल गई/अब मैं भयमुक्त थी तुम्हारा हाथ मेरे हाथों में था। आंखें खुल गई/अब मैं भयमुक्त थी तुम्हारा हाथ मेरे हाथों में था।
उसने उसने आजू-बाजू देखा पर उसे कोई नजर नहीं आया कैमरा लेकर राजीव के पास गई। उसने उसने आजू-बाजू देखा पर उसे कोई नजर नहीं आया कैमरा लेकर राजीव के पास गई।
हृदय विदारक है तेजाबी हमला, हाय कैसे इसके क्रूर दंश से बचे अबला ? हृदय विदारक है तेजाबी हमला, हाय कैसे इसके क्रूर दंश से बचे अबला ?
बंदिशों की जंजीरें तोड़कर फूंकने आ रहा हूँ में तेरी नफ़रत की लंका को। बंदिशों की जंजीरें तोड़कर फूंकने आ रहा हूँ में तेरी नफ़रत की लंका को।
गुत्थी सुलझ ना पाई आज तक उस रहस्यमयी रात की। गुत्थी सुलझ ना पाई आज तक उस रहस्यमयी रात की।
क्या वह साया सचमुच यहाँ है, या यह सिर्फ एक ख्याल है? क्या वह साया सचमुच यहाँ है, या यह सिर्फ एक ख्याल है?
विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे, विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे,
खून की प्यासी उसकी आत्मा किसी मासूम को अपना शिकार न बना ले। खून की प्यासी उसकी आत्मा किसी मासूम को अपना शिकार न बना ले।
मैं दर्द लिखने बैठा, मगर उसे लिख ना सका। मैं दर्द लिखने बैठा, मगर उसे लिख ना सका।
सुनसान सड़क तेज हवाएंँ हो रही थी बारिश की बौछार। सुनसान सड़क तेज हवाएंँ हो रही थी बारिश की बौछार।
यह मंदिर इतना सुंदर बना है। कि इस मंदिर को राजस्थान का खजुराहो कहते हैं। यह मंदिर इतना सुंदर बना है। कि इस मंदिर को राजस्थान का खजुराहो कहते हैं।
जल कर खाक हुई, आवाज़ें कहाँ से अब तक आती हैं। जल कर खाक हुई, आवाज़ें कहाँ से अब तक आती हैं।
आज उसके आंसू पोंछने वाला कोई नहीं है शायद उसे अपना बचपन याद आ रहा है आज उसके आंसू पोंछने वाला कोई नहीं है शायद उसे अपना बचपन याद आ रहा है