Sandeep Sharma
Horror
तबाही का मंजर भी शरमाएगा
जब सामने हमें पाएगा।
वयं रक्षाम् व...
दीप
सपने
बुजुर्ग
परिश्रम
तानाशाही
ताकत
सरस्वती मंदिर
पर्यटन
प्रेम
सबल सक्षम धैर्य धीर पराक्रम पुरुषार्थ नेतृत्व महान है।। सबल सक्षम धैर्य धीर पराक्रम पुरुषार्थ नेतृत्व महान है।।
कोई किसी को क्या दे दिलासा, कैसे पोंछे आंसू हाथ बंधे हुए, हर कोई बेबस, लाचार, उदास कोई किसी को क्या दे दिलासा, कैसे पोंछे आंसू हाथ बंधे हुए, हर कोई बेबस, लाचार...
अपने प्राणों को समेटे कुछ बूढ़े अपने कभी न लौटने वाले युवा बेटों का इंतजार करते अपने प्राणों को समेटे कुछ बूढ़े अपने कभी न लौटने वाले युवा बेटों का इ...
तुम मुझे याद करना जब तुम तन्हा हो जाओ। तुम मुझे याद करना जब तुम तन्हा हो जाओ।
मिट्टी पे हैं पदचिह्न दिखे कई, पर चलने वाला दिखे नहीं। मिट्टी पे हैं पदचिह्न दिखे कई, पर चलने वाला दिखे नहीं।
ऐ किस्मत मेरे साथ, तेरा क्या गिला था वो आखरी बार मुझे बिस्तर पर मिला था।। ऐ किस्मत मेरे साथ, तेरा क्या गिला था वो आखरी बार मुझे बिस्तर पर मिला था।।
नितिन कहता है।" मैं भी बकरे का मटन खाऊंगा विथ फ्राइड राइस,!! वीरेन कहता है," चिकन मसाल नितिन कहता है।" मैं भी बकरे का मटन खाऊंगा विथ फ्राइड राइस,!! वीरेन कहता है," ...
परवाह सँग दे वो हौसला उपहारी कोई अरदास है। परवाह सँग दे वो हौसला उपहारी कोई अरदास है।
बंदिशों की जंजीरें तोड़कर फूंकने आ रहा हूँ में तेरी नफ़रत की लंका को। बंदिशों की जंजीरें तोड़कर फूंकने आ रहा हूँ में तेरी नफ़रत की लंका को।
कहते हैं अब वो युवक भी उस वीराने का हिस्सा है। कहते हैं अब वो युवक भी उस वीराने का हिस्सा है।
विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे, विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे,
बचपन से जिस भूतिया जंगल के बारे में सुनता आ रहा था। बचपन से जिस भूतिया जंगल के बारे में सुनता आ रहा था।
आनंद का उत्सव था, मातम में बदल गया हाथ थामे कौन किसका, हर कोई डर गया। आनंद का उत्सव था, मातम में बदल गया हाथ थामे कौन किसका, हर कोई डर गया।
पर इस घटना ने दोनों के दिमाग पर गहरा असर किया है। पर इस घटना ने दोनों के दिमाग पर गहरा असर किया है।
यह नज़ारा देख रही औरत की नन्ही बच्ची सबक ले रही है और मन ही मन तय कर रही है कभी अम्मी जैसा ख़्वाब ... यह नज़ारा देख रही औरत की नन्ही बच्ची सबक ले रही है और मन ही मन तय कर रही है क...
बहा दो बुराइयों को ही कहीं, पाप से बिछड़ने का डर नहीं। बहा दो बुराइयों को ही कहीं, पाप से बिछड़ने का डर नहीं।
हवा की सरसराहट के बीच, कुछ आवाज़ बाहर से थी आई तन ठिठुरा, हाथ कांपते, फिर मैंने भी एक हवा की सरसराहट के बीच, कुछ आवाज़ बाहर से थी आई तन ठिठुरा, हाथ कांपते, फिर मैं...
वो बूंदें कैसी थी जिन पर दर्पण भी शोक मनाता है, वो बूंदें कैसी थी जिन पर दर्पण भी शोक मनाता है,
माननीय आविष्कार और मानव की भूल से हुआ हादसा करुण। माननीय आविष्कार और मानव की भूल से हुआ हादसा करुण।
हेलोवीन के नाम से देखो मौत सिखाते हैं बच्चों को ।। हेलोवीन के नाम से देखो मौत सिखाते हैं बच्चों को ।।