Ankita Parkhad
Action Inspirational Thriller
जिंदगी की दौड़ में हम यूं ही गिरते पड़ते
फिर चलना सीखते
कभी सुकून मिलता तो कभी चिड़चिड़ापन
कभी निभाना पड़ता तो कभी तोड़ना
अलग है रास्ते पर मंजिल एक
जायेंगे हम यूं ही एक ही पार
मोक्ष
निर्भरता
ताकत
शांति की डगर
अंधेरी रात
कला
सुनहरापन
आगे बढ़
भक्ति
प्यार
मदर्स डेकी हार्दिक बधाई<br>मां की ममता अनमोल होती है। उसमें कोई झोल नहीं होता है। क्योंकि वह तो मां ... मदर्स डेकी हार्दिक बधाई<br>मां की ममता अनमोल होती है। उसमें कोई झोल नहीं होता है...
कुछ लोगों से सुना था कि रिश्ता बराबरी वालों में होना चाहिए अक्सर सोचती थी ऐसा क्यों? अब लगता है कि ... कुछ लोगों से सुना था कि रिश्ता बराबरी वालों में होना चाहिए अक्सर सोचती थी ऐसा क...
<br> प्यार किसी जिस्म से नहीं <br> एक इंसान से ही सही <br> ईमान से ही सही इश्वर से ... <br> प्यार किसी जिस्म से नहीं <br> एक इंसान से ही सही <br> ईमान ...
दीप्ति मिश्रा<p><br /></p><p>वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है</p><p>ये अगर रस्मों रिवाजों से ... दीप्ति मिश्रा<p><br /></p><p>वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है</p><p>ये अग...
जिंदगी तेरी मेरी कहानी है यह हकीकत हमने जानी है। जिंदगी ने हमको बहुत कुछ दिया है। सारे पल हमने हंसी... जिंदगी तेरी मेरी कहानी है यह हकीकत हमने जानी है। जिंदगी ने हमको बहुत कुछ दिया है...
बीत जाते है शादी के ये चार दिन नेग चार, बन्ना बन्नी में बीत जाते है शादी के ये चार दिन नेग चार, बन्ना बन्नी में
कुछ इंसान हैं इस भीड़ में जो बिना मोलभाव किए ऐन वक्त पर कुछ इंसान हैं इस भीड़ में जो बिना मोलभाव किए ऐन वक्त पर
सरहद चाहे देशों के बीच हो या दिलों के बीच, इंसान की ही बनाई हुई होती हैं। सरहदों का मतलब और मकसद ही ... सरहद चाहे देशों के बीच हो या दिलों के बीच, इंसान की ही बनाई हुई होती हैं। सरहदों...
चुप – चुप अम्मा मेरी रहती है लगता की सबसे वो रूठी है चुप – चुप अम्मा मेरी रहती है लगता की सबसे वो रूठी है
फांसी के फंदे को गले में फूल माला जैसे हंसते-हंसते पहना था। फांसी के फंदे को गले में फूल माला जैसे हंसते-हंसते पहना था।
कौन कहता है कि गुलशन की जमीं उर्वर नहीं, कौन कहता है कि मेरा ये वतन कमजोर है। कौन कहता है कि गुलशन की जमीं उर्वर नहीं, कौन कहता है कि मेरा ये वतन कमजोर है।
नौजवानों इस वतन का कल है हाथों में तुम्हारे। नौजवानों इस वतन का कल है हाथों में तुम्हारे।
यह कविता शहीदो को सलामी दे रही है। यह कविता शहीदो को सलामी दे रही है।
नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।। नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।।
अब समय आ गया है एकजुट होने का वरना अब पछताने का मौका नहीं मिलेगा जाति पांति भूलकर हिन्दू बन ... अब समय आ गया है एकजुट होने का वरना अब पछताने का मौका नहीं मिलेगा जाति पा...
बदमाश के साथ बदमाशी करना जायज़ है!<br>बेईमान के साथ बेईमानी करना जायज़ है!<br>धोखेबाज के साथ धोखेबाज... बदमाश के साथ बदमाशी करना जायज़ है!<br>बेईमान के साथ बेईमानी करना जायज़ है!<br>धो...
गीत : भारत के कदमों के नीचे नापाक पगड़ी होगी <br><br>ज़ख्म गहरा खाया है तो मार भी तगड़ी होगी <br>भार... गीत : भारत के कदमों के नीचे नापाक पगड़ी होगी <br><br>ज़ख्म गहरा खाया है तो मार भ...
बैसाखी का त्यौहार आया । हर घर में है मंगल छाया। हर किसान का मन हर्षाया। भगवान को धन्यवाद का सबने मन ... बैसाखी का त्यौहार आया । हर घर में है मंगल छाया। हर किसान का मन हर्षाया। भगवान को...
विस्मृत पथ पर चलते-चलते, नजरें ठहरीं एक बार, विस्मृत पथ पर चलते-चलते, नजरें ठहरीं एक बार,
ना तूने सोचा था ना मैंने क्या से क्या हो गया बस्स देखते देखते ना तूने सोचा था ना मैंने क्या से क्या हो गया बस्स देखते देखते