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Jai Singh(Jai)

Inspirational

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Jai Singh(Jai)

Inspirational

" स्वस्थ बनें मस्तिष्क "

" स्वस्थ बनें मस्तिष्क "

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कितना सुन्दर दृश्य है ,आओ आएं  घूम

ताजा समीर बह रही , छोडो अपना रूम

छोडो अपना रूम , पक्षी भी चहचहा रहे

सरस बना यह गान,मधुर गीत उनका बहे

शुरू करो तुम योग,काम करो पुण्य जितना

स्वस्थ बने मस्तिष्क, दृश्य खास बना कितना!


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