STORYMIRROR

Ritik Dhiman

Inspirational

4  

Ritik Dhiman

Inspirational

मेहनत कर

मेहनत कर

1 min
524

ज़िंदगी मुश्किल है

ग़मो से भरी

खुशियों से दूर है

अपने रुलाये अपनो की खातिर

बेदर्दी बैठी उनकी हूर है


रोकर रात को सोता हूं

सपने फिर जगा देते हैं

महेनत कर कर मरता हूं

नाकम्यबि फिर रुलाती है

अपने ही अपनो से जलकर 

दूर हुए ऐसे जैसे 

रातो की रोशनी को अंधेरे से गिला है


कई बार सोचा जिंदगी से हार मान लूं

पर माँ का ख्याल रोकता है

बाप का फकर था कभी

आज बाप की चिंता की बजह हूं

मेरी कामयाबी की दुआएं मांगे दोनो

मन मे फिर मेहनत करने का ख्याल होता है


ज़िंदगी आसान नहीं सूरज ने कहा

तू परिंदा अंजान है

उड़ान है तेरी यही

पंखों को फलाकर देख ऊँचाई की और

तेरी मंजिल दूर है मेहनत कर 

सफ़लता तेरी यही है


बाज़ की तरह तुझे उड़ना होगा

बारिश गर्मी सर्दी मे तुझे ना रुकना होगा

बादलों के उपर तेरी उदान होगी

तू मेहनत कर

मंज़िल तेरी का रास्ता सबसे उपर होगा


आज तू रातो को जागेगा

कल तेरा सूरज की तरह होगा

तु मेहनत कर

एक दिन तेरी नाकम्यबि का रास्ता कामयाबी मे होगा


तू गिरा है मैं जानता हूं

बक्त तेरा बुरा है मैं मानता हूं

पर कल तेरा सफ़ल होगा 

तु महेनत कर 

एक दिन तेरी मंजिल का रास्ता तेरे पास होगा


सफ़लता पाना आसान नहीं  

महेनत मे कभी आराम नहीं  

आज सोने की तरह आग मे तपेगा

कल तेरा होगा आभूषण की तरह दाम यही

तू महेनत कर सफ़लता तेरी तेरे पास यही।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational