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Priti Chaudhary

Inspirational


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Priti Chaudhary

Inspirational


स्वच्छता

स्वच्छता

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साफ- स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए ,

स्वच्छता के प्रति नवजागरण चाहिए।


 वाणी मृदुल, उर पवित्र,और व्यवहार सौम्य हो,

 शालीनता के साथ पावन आचरण चाहिए।

 साफ स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए ।।


स्नेह के धागे से बंधा हो कुटुंब अपना,

 हृदय दर्पण पर न कोई आवरण चाहिए।

 साफ स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए।।


 उज्जवल वेश, निर्मल देश, धवल गणवेश हो,

 स्वच्छता की आदत का होना अनावरण चाहिए ।

साफ स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए ।।


तज कर प्लास्टिक मृदा से जुड़ें हम,

 नहीं प्रकृति का दोहन करना अकारण चाहिए ।

साफ स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए।।


पुनः प्रकृति की ओर लौटने का आह्वान हम करें,

 प्रकृति माँ की गोद में हमें लेनी शरण चाहिए।

 साफ स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए ।।


सर्वस्व स्वच्छ हो जल,मृदा,वायु, धरा,

 स्वच्छ चंद्रिका सा उर का दर्पण चाहिए।

 साफ स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए ।।


चित्र के साथ चरित्र भी हो उत्तम हमारा,

नेक कर्म पथ का हमें करना वरण चाहिए ।

साफ स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए।।


प्रेम की भागीरथी अविरल बहती हो हृदय में,

 द्वेष, ईर्ष्या ,वैमनस्य का होना हरण चाहिए।

 साफ स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए।।


 स्वच्छता अभियान सीमित न रहे कागजों तक,

 स्वच्छता को चरितार्थ करना हर क्षण चाहिए।

 साफ स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए ।।



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