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Kuber Bharti

Abstract

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Kuber Bharti

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सुनो बहनो मेरी एक आवाज

सुनो बहनो मेरी एक आवाज

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सुनो बहनों मेरी एक आवाज।

कई बहनों को तो खो चुके है हम।

आंखे तो है हमारी भी नम।

किन्तु बहनों बताओ हमे।

हम क्या कर लेगे उन दरिंदो का।


लुट गई जो आबरू तेरी एक बार।

शासन तो है गुंगा, बहरा ओर दुराचार।

तेरी रक्षा को अचानक।

हम कैसे पहुंचेगे कोसो दूर अंधेरे के पार।

सुनो बहनोंं मेरी एक आवाज।


अब हांथो में मोबाइल कंगन नही

शक्ति लिए चल तू आपार।

अब ना देखा जाता दुराचार ये बार बार।

सुनो बहनों मेरी एक आवाज।


लिऐ चलो तुम हाथो मे तलवार।

ऑच अगर दामन पे आऐ।

तो तुम कर दो उसी क्षण 

उन दरिंदो का सहांर।

सुनो बहनों मेरी एक आवाज।


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