HmBhawana Sharma
Children
सुन्दरता होती है वो जो अन्दर से दिखती हैं
सुन्दरता होती है वो जो फूलों की तरह खिलती है
सुन्दरता होती है वो जो रोशन जहाँ करती है
सुन्दरता होती है वो जो तितली की तरह उड़ती है।
सुन्दरता
मेरी साँसें
भूर्ण हत्या
हिन्दी भाषा
बोला कि ये अनमोल रूबी मुझे दे जा, पर गुरु का आदेश नहीं था, वो व्यक्ति आगे चला गया। बोला कि ये अनमोल रूबी मुझे दे जा, पर गुरु का आदेश नहीं था, वो व्यक्ति आगे चला ग...
जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा, जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा,
अ से अनार आ से आम हिंदी का बड़ा हो नाम। अ से अनार आ से आम हिंदी का बड़ा हो नाम।
माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़वा। माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़व...
आओ आओ सखियों तुमको मेरी कहानी सुनाऊं। आओ आओ सखियों तुमको मेरी कहानी सुनाऊं।
अरे, नारी के सम्मान की खातिर राजनीति का त्याग करो नेता से पहले बाप बनो फिर अपनी बेटी याद करो।। अरे, नारी के सम्मान की खातिर राजनीति का त्याग करो नेता से पहले बाप बनो फिर अपन...
जाने क्या क्या लिख जाता है वो प्रेम सुहाना बचपन का मुझे बचपन याद दिलाता है। जाने क्या क्या लिख जाता है वो प्रेम सुहाना बचपन का मुझे बचपन याद दिलाता...
नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।। नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।।
'गर हम पढ़ लिख बोलें हिन्दी, बने विश्व की भाषा मानो।। 'गर हम पढ़ लिख बोलें हिन्दी, बने विश्व की भाषा मानो।।
जीवन में अचानक एक प्रकाश है, क्योंकि ईश्वर हमेशा हमारे साथ हैं ।। जीवन में अचानक एक प्रकाश है, क्योंकि ईश्वर हमेशा हमारे साथ हैं ।।
जो ऊपर गतिमय भीतर शांत रहेगा वहीं समंदर कहलाएगा । जो ऊपर गतिमय भीतर शांत रहेगा वहीं समंदर कहलाएगा ।
माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा, माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा,
तू क्या जाने भेद इस जग का, मैं हर कण का ज्ञान दिलाऊंगी। तू नन्हीं सी चिड़िया मेरी। तू क्या जाने भेद इस जग का, मैं हर कण का ज्ञान दिलाऊंगी। तू नन्हीं सी चिड़िया मे...
मिल सकता है तुम को भी आदर और सम्मान। मिल सकता है तुम को भी आदर और सम्मान।
नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना ! नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना !
जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है। जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है।
पेरेंट्स की समझ में भी यह फंडा आया बचपन की हिफाजत कर मैं मन ही मन मुस्कुराया। पेरेंट्स की समझ में भी यह फंडा आया बचपन की हिफाजत कर मैं मन ही मन मुस्कुराया...
वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर कहते थे... वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर क...
प्रभाकर का उदय भी प्रतिदिन ही होगा... चाँद की चमक भी कायम रहेगी... प्रभाकर का उदय भी प्रतिदिन ही होगा... चाँद की चमक भी कायम रहेगी...
चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल। चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल।