HmBhawana Sharma
Children
सुन्दरता होती है वो जो अन्दर से दिखती हैं
सुन्दरता होती है वो जो फूलों की तरह खिलती है
सुन्दरता होती है वो जो रोशन जहाँ करती है
सुन्दरता होती है वो जो तितली की तरह उड़ती है।
सुन्दरता
मेरी साँसें
भूर्ण हत्या
हिन्दी भाषा
बचपन में तेरी उंगली पकड़कर चलना, गोदी की पालकी में सुकून से पलना, तेरी लोरी में चाँद तारों से मिलना, ... बचपन में तेरी उंगली पकड़कर चलना, गोदी की पालकी में सुकून से पलना, तेरी लोरी में च...
बाग़ में जब तक उसे न देख लूँ मेरी सुबह की सैर जैसे अधूरी है। बाग़ में जब तक उसे न देख लूँ मेरी सुबह की सैर जैसे अधूरी है।
अरे, नारी के सम्मान की खातिर राजनीति का त्याग करो नेता से पहले बाप बनो फिर अपनी बेटी याद करो।। अरे, नारी के सम्मान की खातिर राजनीति का त्याग करो नेता से पहले बाप बनो फिर अपन...
हम बच्चों को है याद आता, हमारा प्यारा-प्यारा सा स्कूल। हम बच्चों को है याद आता, हमारा प्यारा-प्यारा सा स्कूल।
कितना अच्छा होता, बादलों से ऊपर अपना घर होता। कितना अच्छा होता, बादलों से ऊपर अपना घर होता।
देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ अर्श से। देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ ...
लेकिन वह बूढ़ा सिंह माना नहीं, उसे घसीट कर ले गया नदी के किनारे। लेकिन वह बूढ़ा सिंह माना नहीं, उसे घसीट कर ले गया नदी के किनारे।
क्या अब भी मेरी बॉल वहीं फ्रिज पर रखी रहती है क्या मेरी यूनिफॉर्म अभी भी, खूंटी पे टँगी रहती है क्या अब भी मेरी बॉल वहीं फ्रिज पर रखी रहती है क्या मेरी यूनिफॉर्म अभी भी, खूंटी...
कोई तारें बिछा दो फोन की भगवान के घर तक,मुझे माँ तक बात पहुंचानी है। कोई तारें बिछा दो फोन की भगवान के घर तक,मुझे माँ तक बात पहुंचानी है।
फिर भी बात तो एक थी प्यारी -प्यारी यादों को समेटकर उसमें रखना। फिर भी बात तो एक थी प्यारी -प्यारी यादों को समेटकर उसमें रखना।
आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे
गया था चूहा इक दिन खाने अनाज बाजार में! गया था चूहा इक दिन खाने अनाज बाजार में!
गिर जाते हैं मिट्टी में दाने, सूखे फल जो जमा कर रखे थे गिलहरी ने आने वाले समय के लिए टहनियों के ... गिर जाते हैं मिट्टी में दाने, सूखे फल जो जमा कर रखे थे गिलहरी ने आने वाले समय...
नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना ! नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना !
दैनिक जीवन में विज्ञान, कर रहा है बड़ा कमाल। दैनिक जीवन में विज्ञान, कर रहा है बड़ा कमाल।
कहानी हो या वास्तविकता जीत हम सब जानते हैं बिना रुके मंजिल की ओर बढ़ना इस निरंतरता को। कहानी हो या वास्तविकता जीत हम सब जानते हैं बिना रुके मंजिल की ओर बढ़ना इस निरं...
कितने सुंदर लगते हैं ये , पके पके से आम। तोतापरी दशहरी लंगड़ा , कर्नाटक बादाम। कितने सुंदर लगते हैं ये , पके पके से आम। तोतापरी दशहरी लंगड़ा , कर्नाटक...
माँ की आँखों में सच्चाई के आंसू का बसेरा तेरी शिक्षा का भार अब मेरा, रचे नव सबेरा माँ की आँखों में सच्चाई के आंसू का बसेरा तेरी शिक्षा का भार अब मेरा, रचे नव स...
शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है। शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है।
बरगद होने के बाद तुम समझोगे प्रकृति और माँ को। बरगद होने के बाद तुम समझोगे प्रकृति और माँ को।