HmBhawana Sharma
Children
सुन्दरता होती है वो जो अन्दर से दिखती हैं
सुन्दरता होती है वो जो फूलों की तरह खिलती है
सुन्दरता होती है वो जो रोशन जहाँ करती है
सुन्दरता होती है वो जो तितली की तरह उड़ती है।
सुन्दरता
मेरी साँसें
भूर्ण हत्या
हिन्दी भाषा
मेरा बचपन, मेरे सपनों में ही रह गया...! मेरा बचपन, मेरे सपनों में ही रह गया...!
फिर इक रोटी और दो बूंद पानी का दाम ये पैसा चुका ना पाएगा, फिर तिरस्कृत और अक्षम्य मनुष फिर इक रोटी और दो बूंद पानी का दाम ये पैसा चुका ना पाएगा, फिर तिरस्कृत और अक्...
लेकिन वह बूढ़ा सिंह माना नहीं, उसे घसीट कर ले गया नदी के किनारे। लेकिन वह बूढ़ा सिंह माना नहीं, उसे घसीट कर ले गया नदी के किनारे।
'गिल्ली से घरों के काँच तोड़ना,कंचों से दोस्तों के कंचें फोड़ना, पतंगों से घरों की ऊंचाई नापना, बचपन क... 'गिल्ली से घरों के काँच तोड़ना,कंचों से दोस्तों के कंचें फोड़ना, पतंगों से घरों की...
यह कविता आपको अपने बचपन की याद दिलाएगी । यह कविता आपको अपने बचपन की याद दिलाएगी ।
भूधर से सुंदर जो पाया था मैंने वह विस्मययुक्त स्वर्गलोक। भूधर से सुंदर जो पाया था मैंने वह विस्मययुक्त स्वर्गलोक।
नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।। नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।।
हमेशा होती रहे, माँ-बाप के दुआओं की बारिश। हमेशा होती रहे, माँ-बाप के दुआओं की बारिश।
वे शैतानियां याद कर लेते हैं। एक बार फिर बचपन जी लेते हैं। वे शैतानियां याद कर लेते हैं। एक बार फिर बचपन जी लेते हैं।
Like my peers, I may not be talented My progress may be slow Like my peers, I may not be talented My progress may be slow
जो ऊपर गतिमय भीतर शांत रहेगा वहीं समंदर कहलाएगा । जो ऊपर गतिमय भीतर शांत रहेगा वहीं समंदर कहलाएगा ।
बुद्धिमान हैं छोटे लाल यह था उनका सबसे बड़ा कमाल। बुद्धिमान हैं छोटे लाल यह था उनका सबसे बड़ा कमाल।
गाँधी बापू का था यह सपना, बना ना सके जिसे अभी तक हम अपना।।। गाँधी बापू का था यह सपना, बना ना सके जिसे अभी तक हम अपना।।।
जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है। जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है।
वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर कहते थे... वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर क...
थोड़ी सी थी, उदास ज़रूर, परी से विदा होने पर, किन्तु माला देख, खुशी से भरने लगी किलक थोड़ी सी थी, उदास ज़रूर, परी से विदा होने पर, किन्तु माला देख, खुशी से भरने ...
चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल। चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल।
अपना काम जो छोड़ा, तुमने किसी दूजे के सहारे। पूरा होना उसका मुश्किल है, बिना लगे ही तुम्हारे। सच ही ... अपना काम जो छोड़ा, तुमने किसी दूजे के सहारे। पूरा होना उसका मुश्किल है, बिना लगे...
एक मांँ ही समझती है, अपनी संतान को कैसे पालती है वो...! एक मांँ ही समझती है, अपनी संतान को कैसे पालती है वो...!
कहां खो गए वो हरे भरे खेत, कहां खो गई वो रेत? कहां खो गए वो हरे भरे खेत, कहां खो गई वो रेत?