HmBhawana Sharma
Children
सुन्दरता होती है वो जो अन्दर से दिखती हैं
सुन्दरता होती है वो जो फूलों की तरह खिलती है
सुन्दरता होती है वो जो रोशन जहाँ करती है
सुन्दरता होती है वो जो तितली की तरह उड़ती है।
सुन्दरता
मेरी साँसें
भूर्ण हत्या
हिन्दी भाषा
यहाँ भीड़ में भी सब तन्हा हैं यहाँ भीड़ में भी सब तन्हा हैं
और है बहुत कुछ खास और है बहुत कुछ खास
खेल-खेल में मेरा बाल-पुत्र सी.आई.डी. बन जाता है , अपनी नकली दुनाली से दनादन गोलियां ब खेल-खेल में मेरा बाल-पुत्र सी.आई.डी. बन जाता है , अपनी नकली दुनाली से दनादन ग...
काश कि मैं भी चिड़िया होती डाल-डाल पर उड़ती फिरती खेलती चुन्नू-मुन्नू के संग गीता-बबली-पिन्की के ... काश कि मैं भी चिड़िया होती डाल-डाल पर उड़ती फिरती खेलती चुन्नू-मुन्नू के संग ...
मन में उठती उमंग रंगों में. मन में उठती उमंग रंगों में.
है वो जानवरों से भी बदत्तर होते जानवर फिर भी बेहतर। है वो जानवरों से भी बदत्तर होते जानवर फिर भी बेहतर।
कितना सुंदर दोनों चिड़िया और यान एक बना मनुष्य, एक बना भगवान। कितना सुंदर दोनों चिड़िया और यान एक बना मनुष्य, एक बना भगवान।
और कितने नाम सुनोगे, नहीं कमजोर जो जुल्म सहेगी। और कितने नाम सुनोगे, नहीं कमजोर जो जुल्म सहेगी।
बजा अलार्म उठ गया मैं भी कोई गिलहरी वहां नहीं थी। बजा अलार्म उठ गया मैं भी कोई गिलहरी वहां नहीं थी।
ख़ुशियाँ है मुझसे तभी तक जब तक हूँ मैं भली भली। ख़ुशियाँ है मुझसे तभी तक जब तक हूँ मैं भली भली।
वायरस से तुम बच न पाओगे इससे तुम लड़ न पाओगे बेहतर है तुम्हारे लिए घर के अन्दर रहन वायरस से तुम बच न पाओगे इससे तुम लड़ न पाओगे बेहतर है तुम्हारे लिए घर...
नाम था जिसका होलिका नाम था जिसका होलिका
वो दिन भी क्या दिन थे, झूठ बोला करते थे, फिर भी मन के सच्चे थे, ये तो उन दिनों की बातें है जब हम ... वो दिन भी क्या दिन थे, झूठ बोला करते थे, फिर भी मन के सच्चे थे, ये तो उन दिनो...
बच्चों कैसी लगी कहानी मत बनना जैसी थी रानी ! बच्चों कैसी लगी कहानी मत बनना जैसी थी रानी !
ये अनोखे खेल और होली-दीवाली के त्योहार, यूँ मना ना पाओगे ये अनोखे खेल और होली-दीवाली के त्योहार, यूँ मना ना पाओगे
माँ मेरी मुक्ति माँ मेरी भक्ति माँ ही जीवनदान। माँ मेरी मुक्ति माँ मेरी भक्ति माँ ही जीवनदान।
समझो खुद को और लक्ष्य का ध्यान करो, यूं ना बैठकर बीच राह में, मंजिल का इंतजार करो, समझो खुद को और लक्ष्य का ध्यान करो, यूं ना बैठकर बीच राह में, मंजिल का ...
ये ढेर सारे वायदे करुँगा बाबूजी मैं नेता बनूँगा। ये ढेर सारे वायदे करुँगा बाबूजी मैं नेता बनूँगा।
उसके बचपन से आगे बढ़ने का मेरा मन नहीं है चंचल सी उन आँखों को झुठलाने का मन नहीं है उसके बचपन से आगे बढ़ने का मेरा मन नहीं है चंचल सी उन आँखों को झुठलाने का मन नह...
गर्मियों की छुट्टियों का भी अजब ही मजा है, देर तक सोने पर भी ना होती मां खफा है... खूब खेलना और बा... गर्मियों की छुट्टियों का भी अजब ही मजा है, देर तक सोने पर भी ना होती मां खफा है...