HmBhawana Sharma
Children
सुन्दरता होती है वो जो अन्दर से दिखती हैं
सुन्दरता होती है वो जो फूलों की तरह खिलती है
सुन्दरता होती है वो जो रोशन जहाँ करती है
सुन्दरता होती है वो जो तितली की तरह उड़ती है।
सुन्दरता
मेरी साँसें
भूर्ण हत्या
हिन्दी भाषा
कहीं लोहड़ी तो कहीं पोंगल, कहीं संक्रांति का त्यौहार। कहीं लोहड़ी तो कहीं पोंगल, कहीं संक्रांति का त्यौहार।
वो पुराने दिन मैं भूल नहीं पाया। वो पुराने दिन मैं भूल नहीं पाया।
समेट लो अपने जीवन के हसीन लम्हों को समेट लो अपने जीवन के हसीन लम्हों को
झुक जाएगी हर ख़्वाहिश कदमों में तुम्हारे झुक जाएगी हर ख़्वाहिश कदमों में तुम्हारे
रात को सपनों में आती हूं खुशियां देकर जाती हूं। रात को सपनों में आती हूं खुशियां देकर जाती हूं।
कर लो प्रण तुम देश का मान सदा बढ़ाओगे। कर लो प्रण तुम देश का मान सदा बढ़ाओगे।
सब बच्चों को प्यारा पढ़ाई में अच्छे नम्बर छोटू लाता। सब बच्चों को प्यारा पढ़ाई में अच्छे नम्बर छोटू लाता।
करना संघर्ष जरूरी है, जन जन की मजबूरी है, बिन संघर्ष जीवन बेकार। करना संघर्ष जरूरी है, जन जन की मजबूरी है, बिन संघर्ष जीवन बेकार।
ऐसी है वो वस्तु जो हमको ज्ञान कराती हैं, कैसे जीना कैसे रहना सबका ज्ञान कराती है। ऐसी है वो वस्तु जो हमको ज्ञान कराती हैं, कैसे जीना कैसे रहना सबका ज्ञान करात...
सभी संत और योगी इस समय ध्यान का अभ्यास करते हैं और अपने आध्यात्मिक सभी संत और योगी इस समय ध्यान का अभ्यास करते हैं और अपने आध्यात्मिक
जोड़ता कुछ पन्ने जिनकी यादों ने मुझे हँसाया है..... जोड़ता कुछ पन्ने जिनकी यादों ने मुझे हँसाया है.....
रंग - बिरंगी फूलों से खेलती प्यारी - सी तितली। रंग - बिरंगी फूलों से खेलती प्यारी - सी तितली।
कष्ट मिलय तो कैसय मिलय खुशियां सब पर बरसाय रही है कष्ट मिलय तो कैसय मिलय खुशियां सब पर बरसाय रही है
जो न कर सके बीते साल में , इस बार वह कर दिखाएंगे। जो न कर सके बीते साल में , इस बार वह कर दिखाएंगे।
नन्हे कदम जब इनके पड़ते नींद चैन सब अपने खोते नन्हे कदम जब इनके पड़ते नींद चैन सब अपने खोते
न बोलते ही तुम समझ जाती हो कब भूख लगी, कब प्यास न बोलते ही तुम समझ जाती हो कब भूख लगी, कब प्यास
आत्म-समर्पण के मार्ग में बाधाएँ इच्छा और अहंकार हैं। आत्म-समर्पण के मार्ग में बाधाएँ इच्छा और अहंकार हैं।
दीया ना बाती चांदनी दे सारी रात , शीत किरणों की निराली बात दीया ना बाती चांदनी दे सारी रात , शीत किरणों की निराली बात
जिम्मेवारियों का पाठ ना पढ़ाया जाता है, जिम्मेवारियों का पाठ ना पढ़ाया जाता है,
गुरु में ज्ञान का सागर समाया, गोविंद ने भी गुरु का दर्जा सबसे ऊंचा बताया, गुरु में ज्ञान का सागर समाया, गोविंद ने भी गुरु का दर्जा सबसे ऊंचा बताया,