HmBhawana Sharma
Children
सुन्दरता होती है वो जो अन्दर से दिखती हैं
सुन्दरता होती है वो जो फूलों की तरह खिलती है
सुन्दरता होती है वो जो रोशन जहाँ करती है
सुन्दरता होती है वो जो तितली की तरह उड़ती है।
सुन्दरता
मेरी साँसें
भूर्ण हत्या
हिन्दी भाषा
फिर इक रोटी और दो बूंद पानी का दाम ये पैसा चुका ना पाएगा, फिर तिरस्कृत और अक्षम्य मनुष फिर इक रोटी और दो बूंद पानी का दाम ये पैसा चुका ना पाएगा, फिर तिरस्कृत और अक्...
कितना अच्छा होता, बादलों से ऊपर अपना घर होता। कितना अच्छा होता, बादलों से ऊपर अपना घर होता।
देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ अर्श से। देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ ...
नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हिन्दुस्तान। नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हि...
नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।। नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।।
आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे
बिन मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते। बिन मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते।
Like my peers, I may not be talented My progress may be slow Like my peers, I may not be talented My progress may be slow
पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी
बुद्धिमान हैं छोटे लाल यह था उनका सबसे बड़ा कमाल। बुद्धिमान हैं छोटे लाल यह था उनका सबसे बड़ा कमाल।
गाँधी बापू का था यह सपना, बना ना सके जिसे अभी तक हम अपना।।। गाँधी बापू का था यह सपना, बना ना सके जिसे अभी तक हम अपना।।।
नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना ! नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना !
दैनिक जीवन में विज्ञान, कर रहा है बड़ा कमाल। दैनिक जीवन में विज्ञान, कर रहा है बड़ा कमाल।
वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर कहते थे... वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर क...
माँ की आँखों में सच्चाई के आंसू का बसेरा तेरी शिक्षा का भार अब मेरा, रचे नव सबेरा माँ की आँखों में सच्चाई के आंसू का बसेरा तेरी शिक्षा का भार अब मेरा, रचे नव स...
थोड़ी सी थी, उदास ज़रूर, परी से विदा होने पर, किन्तु माला देख, खुशी से भरने लगी किलक थोड़ी सी थी, उदास ज़रूर, परी से विदा होने पर, किन्तु माला देख, खुशी से भरने ...
प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है। प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है।
शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है। शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है।
बचपन के वो दिन बचपन के वो दिन
अपना काम जो छोड़ा, तुमने किसी दूजे के सहारे। पूरा होना उसका मुश्किल है, बिना लगे ही तुम्हारे। सच ही ... अपना काम जो छोड़ा, तुमने किसी दूजे के सहारे। पूरा होना उसका मुश्किल है, बिना लगे...