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Mrs. Mangla Borkar

Abstract Children Stories

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Mrs. Mangla Borkar

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एलियन

एलियन

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इंतजार है उस दिन का, विज्ञापन

जब एलियन आएंगे।

अपने ग्रह की अद्भुद बातें, हमको वे बतलायेंगे।

नगिनत नक्षत्रों तारों से, ब्रम्हांड हमारा भरा पड़ा है।

कहाँ-कहाँ पर जीवन है, प्रश्न सामने बहुत बड़ा है।

अपने उड़न-खटोले में, बैठ एलियन आएंगे।

इंतजार है उस दिन का, जब एलियन आएंगे।


उड़न-तश्तरी के आने की, जब तब खबरें आती हैं।

अन्य ग्रहों पर जीवन का, वे कुछ संकेत कराती हैं।

अपने ग्रह की हमको वे, उससे सैर कराएंगे।

इंतजार है उस दिन का, जब एलियन आएंगे।


इकलौता ग्रह नहीं है धरती, जिसपर जीव विचरते हैं।

अन्य ग्रहों पर भी जीवन है, हाकिन्स' ये दावा करते हैं।

वह दिन भी अब दूर नहीं, जब हमसे वे टकरायेंगे।

इंतजार है उस दिन का, जब एलियन आएंगे।


रूप एलियन का होगा, कैसा अभी अनिश्चित है।

क्या खाते क्या पीते होंगे, अभी नहीं कुछ निश्चित है।

संकेत-इशारों से ही वे, हमसे कुछ कह पाएंगे।

इंतजार है उस दिन का, जब एलियन आएंगे।


उन्हें खोजने को विज्ञान,भेज चुका है मंगलयान।

इसी कड़ी का हिस्सा है, भारत का चन्द्रयान।

अन्य ग्रहों पर जीवन का, ये यान पता लगायेंगे।

इंतजार है उस दिन का,जब एलियन आएंगे।

                  


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