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Sunita Shukla

Children Stories

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Sunita Shukla

Children Stories

मुझे दिला दो एक रोबोट

मुझे दिला दो एक रोबोट

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पापा पापा मेरे प्यारे पापा

सारे खिलौने हुए पुराने

गुड्डा भी मेरा टूट गया है

अब तो थोड़ नये दिला दो।।

हाथों से दोनो आँखे मलती

रोने का भी झूठमूठ सा अभिनय

सुनकर बिटिया की प्यारी बातें

पापा के मुख पर आई मुस्कान ।।

बड़े प्यार से पास बुलाकर

गोद में अपने उसे बिठाकर

बोले चाहिए तुमको कैसा खिलौना

और चाह रहे थे रूठी बिटिया को मनाना।।

जो मेरे संग दौड़ लगाए

सुन्दर सा वो गाना गाए

होमवर्क भी कर दे सारा

और कर दे सब वो मेरे काम।।

संग उसके मैं खेलूंगी

अपना दोस्त बनाऊंगी

दे दूंगी उसे अपना कोट

मुझे दिला दो एक रोबोट।।

तब पापा ने मुन्नी को समझाया

बड़े पते की इक बात उसे बतलाया

सुन मेरी प्यारी बिटिया रानी

बातें करती हो बड़ी सयानी।।

ला दूंगा मैं नया खिलौना

पर तुम आलस, कभी न करना

काम सदा खुद से ही करना

पढ़-लिखकर आगे को बढ़ना।।

तब मुन्नी को सारी बातें समझ में आई

बोली पापा मैं करूंगी अच्छे से पढ़ाई

पापा ने मुन्नी की पीठ थपथपाई

और गालों पर प्यारी सी इक चपत लगाई।।



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