पुस्तक( किताब)
पुस्तक( किताब)
पुस्तक( किताब)
ज्ञान को बढ़ाती है,
अज्ञान को ज्ञानी बनाती है।
अक्षरों का भंडार है,
जिसे जानता पूरा संसार है।
सरस्वती माता तुममें बसती है,
जो तुम्हें बसा ले उसकी किस्मत चमकती है।
ज्ञान जो तुमसे पा लेता है,
मंजिल हासिल कर लेता है।
कविता/कहानी सब तुममें मिलती है,
पढ़कर ज्ञानता भी बढ़ जाती है।
आदर सम्मान जो करें तुम्हारा,
उस व्यक्ति से सारा जग हारा।
खुश किस्मत है जो तुम्हें पढ़ते हैं,
फिर वह मंजिल की सीढ़ियों को चढ़ते हैं।
जिंदगी की डोर ही तुम से बंधी हुई है,
उनके जीवन में खुशियां ही भरी हुई है।
जोत मन में जो तुम्हारी जलाता है,
हर मुश्किल को वह पार कर जाता है।
यह सच्ची और अच्छी दोस्ती निभाती है,
इसीलिए तो यह पुस्तक कहलाती है।
