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Sachin Kumar

Romance

3  

Sachin Kumar

Romance

स्ट्रगल लव

स्ट्रगल लव

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तेरे लहजो में आके मै खो गया 

दिलो के दरवाजो को खट खटा के सो गया 

मुझे यकीन ही नहीं प्यार में भी struggle होता 

वरना प्यार में आने से पहले यारो से मिल लिया होता 


ये तेरी बाते मुझे यादों की जंजीर बनती है

कभी कौफ तो कभी उम्मीद सताती है

मुझे उम्मीद है तेरे प्यार में 

वरना कितनो का दरवाजा खटखटाया होता 


ये दर्द भारी प्यारो में 

उम्मीदो का स्वप्न सजाता हूं 

यारो से नजदीकियां हटाके 

प्यारो से नजदीकियां बढ़ता हूं

काश बिना struggle से दिल की दरवाजा खोल दे 

वरना struggle से सूर्य चांद का दरवाजा खोला जाता है।


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