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Arti Tiwari

Abstract

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Arti Tiwari

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स्त्री और ऊब

स्त्री और ऊब

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घरघूले और रोटी पन्ना

कपड़े की गुड़िया

नहलाना धुलाना

साज संवार

बारात गौना

सपना सलोना

घर-गृहस्थी धूप-छाँव

उतार-चढ़ाव अपने-पराये

जाड़ा गर्मी बारिश बसन्त

नमी खुश्की तल्ख़ी लाड़

बचपन यौवन ज़रा

रोग शोक हंसी आंसू उत्सव

इन सबके पहले बाद आगे पीछे

कभी जो झलका

उमड़ा बाहर आया

वो था

कभी ख़ुशी कभी ग़म

इस दरम्यान नहीं चिन्हित की किसी ने

कहीं कोई ऊब


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