anuradha nazeer
Classics
यदि पहली गणना गलत है,
तो हम दूसरा बेहतर बनाते हैं
हमें कहीं आराम मिलता है
सफलता की तलाश करना मानवीय प्रवृत्ति है।
कोई
इन चीजों को र...
ज़िन्दगी का क...
प्यार दो
मूल्यवान
जीत
अपने काम से प...
सफलता
प्यार प्यार प...
प्यार की प्या...
श्री शुकदेव जी कहते हैं परीक्षित भगवान कृष्ण बैठे हुए थे। श्री शुकदेव जी कहते हैं परीक्षित भगवान कृष्ण बैठे हुए थे।
श्री कृष्ण का चिंतन करती रहें वाणी से लीलाओं का गान करें। श्री कृष्ण का चिंतन करती रहें वाणी से लीलाओं का गान करें।
श्री शुकदेव जी कहते हैं, परीक्षित अतिथि कुश का पुत्र हुआ। श्री शुकदेव जी कहते हैं, परीक्षित अतिथि कुश का पुत्र हुआ।
नंदबाबा ने कहा, वासुदेव जी तुम्हारे कई पुत्रों को मारा कंस ने। नंदबाबा ने कहा, वासुदेव जी तुम्हारे कई पुत्रों को मारा कंस ने।
उसके दु:साहस के समक्ष गन्धर्व यक्ष भी मांगे पानी। उसके दु:साहस के समक्ष गन्धर्व यक्ष भी मांगे पानी।
वही द्रोण नन्द हुए और धरा जन्मीं यशोदा के रूप में। वही द्रोण नन्द हुए और धरा जन्मीं यशोदा के रूप में।
किस साधन से प्राप्त कर सकता बिना विशेष परिश्रम के, इस पद को। किस साधन से प्राप्त कर सकता बिना विशेष परिश्रम के, इस पद को।
तुम्हारी मिट्टी, मिट्टी में मिलने से पहले, अम्मा चंदन की खुशबू दे रही थी एक जीवन में कई जीवन को, चमे... तुम्हारी मिट्टी, मिट्टी में मिलने से पहले, अम्मा चंदन की खुशबू दे रही थी एक जीवन...
छल प्रपंच का अर्जन करके कपटी दुर्योधन फलता। छल प्रपंच का अर्जन करके कपटी दुर्योधन फलता।
भगवान कृष्ण ने कहा, उद्धव जो कुछ कहा तुमने मुझसे मैं वही करना चाहता हूँ। भगवान कृष्ण ने कहा, उद्धव जो कुछ कहा तुमने मुझसे मैं वही करना चाहता हूँ।
कुरुक्षेत्र में दिव्यदृष्टि से, झाँक-झाँक तत्काल । कुरुक्षेत्र में दिव्यदृष्टि से, झाँक-झाँक तत्काल ।
राजा परीक्षित ने पूछा, भगवन किसके द्वारा नियुक्त हैं होते! राजा परीक्षित ने पूछा, भगवन किसके द्वारा नियुक्त हैं होते!
मंद बुद्धि मैं एक पशु हूँ फंसा हुआ विषयभोगों में । मंद बुद्धि मैं एक पशु हूँ फंसा हुआ विषयभोगों में ।
भगवान् के इस कर्म की प्रशंसा की फूलों की वर्षा की ऊपर उनके। भगवान् के इस कर्म की प्रशंसा की फूलों की वर्षा की ऊपर उनके।
ये कथा है, बहुत पुरानी दशरथ जी की तीन थी रानी! ये कथा है, बहुत पुरानी दशरथ जी की तीन थी रानी!
तेजाब बनकर मेरे कलेजे में जवान होते हुई बेटी के सपनों को आकाश देने से लाचार बाप की हताशा को बयान... तेजाब बनकर मेरे कलेजे में जवान होते हुई बेटी के सपनों को आकाश देने से लाचार ...
ऊँचे ऊँचे लोगो में मैं ठहरा छोटी जात का खुद से ही अंजान मैं ना घर का ना घाट का! ऊँचे ऊँचे लोगो में मैं ठहरा छोटी जात का खुद से ही अंजान मैं ना घर का ना घाट...
किया हर युग में, कितना अपमानित, कितने दुर्बल हो, हुआ यह प्रमाणित। किया हर युग में, कितना अपमानित, कितने दुर्बल हो, हुआ यह प्रमाणित।
वासुदेव की प्रेरणा से एक दिन नन्द के गोकुल में आये। वासुदेव की प्रेरणा से एक दिन नन्द के गोकुल में आये।
सलाह जो दी है आपको कि पांडवों के राजसूय यज्ञ में उनकी सहायता के लिए सम्मिलित हों । सलाह जो दी है आपको कि पांडवों के राजसूय यज्ञ में उनकी सहायता के लिए सम्मिल...