संगम
संगम
डेविड कॉक्स थे एक सफल चित्रकार, एक ज़माने के अनोखे अभिनयकार,
अपने जल रंगों के काम से रहे लोकप्रिय हमेशा, तेल चित्रकारी में नहीं था कोई श्रेष्ठ उनके जैसा।
बर्मिंघम स्कूल से थे वे जुड़े हुए, लैंडस्केप कला में थे उनके हस्त रमे हुए,
प्रभाववाद के शुरुआती अग्रदूत थे वे, अंग्रेजी चित्रकला के शानदार व्यक्ति थे वे।
उनकी कला में था आधुनिक अभिनय का रंगम, उनके चित्रों में जुड़ा था नये-पुराने का संगम,
जल रंग को स्वर्ण युग उन्होंने ही बनाया, जिसकी वजह से आज भी उनका नाम दिलों में छाया।
तेल में उन्होंने चित्रों को जीवंत बनाया, 300 से अधिक कार्यों को जमीन पर उतराया,
अंग्रेजी चित्रकारों में थे वे सबसे महान, फिर भी सबसे कम मान्यता वाले बने इंसान।
इस लैंडस्केप चित्र की है बात निराली, जहाँ पेड़ों के बीच में खड़ी नैया प्यारी,
जिस पर बैठे हुए थे कभी दो इंसान, जो पानी की परछाई देख हुए हैरान।
रंगों का खूबसूरत चित्रण मन को लुभा रहा, उस समय भी लाल टोपी की महत्ता समझा रहा,
पेड़ों के बदलते रँग प्रकृति की छटा बिखेर रहे, प्यारे बादल नदी से संगम कर मुँह फेर रहे।
ऐसी सुन्दर और मनमोहक चित्रकारी, डेविड कॉक्स जी की ही थी समझदारी,
आज भी हम उनसे बहुत कुछ सीख रहे, बेजान चित्रों को जीवंत कर हुनर बेच रहे।|
