Manishika Bhuwania
Drama
अनमोल है समय,
आज्ञाकारी है समय,
कभी न रूके जो
वह है समय,
अमीरी बावजूद
दयालु है समय,
अनमोल है समय
खुशी है समय,
जल्द है समय,
समय के बिना
कुछ नहीं,
१,२,३ बजे की,
शुरूवात है समय,
अनमोल है समय।
माँ
विद्यालय
समय
निरन्तर स्थाई चलायमान कर। निरन्तर स्थाई चलायमान कर।
अहसास होता है जब कोई पास न होता अहसास होता है जब कोई पास न होता
नथ *बरसे कबसे जाने ये बदरिया* की मन मेरा झूमे जाए रे, कहे बोले ये मयूरा की नथ *बरसे कबसे जाने ये बदरिया* की मन मेरा झूमे जाए रे, कहे बोले ये मयूरा की
यह लागन है कैसी, कभी राधा कभी मीरा जैसी। यह लागन है कैसी, कभी राधा कभी मीरा जैसी।
नोकरी तो बस नोकरी है यह सत्य को माना है नोकरी तो बस नोकरी है यह सत्य को माना है
उस आशियाने की तलाश में हूँ, मकान बहुत मिलें बाजारों में,, उस आशियाने की तलाश में हूँ, मकान बहुत मिलें बाजारों में,,
तेरे साथ नजर मिलाने की मेरी जरा भी आदत नही है, तेरे कजरारे नैनों में मेरी तस्वीर देखने का मेरा शौ... तेरे साथ नजर मिलाने की मेरी जरा भी आदत नही है, तेरे कजरारे नैनों में मेरी तस्...
कि "इस महंगी दुनिया में कौन पूछेगा, हम सस्ते लोगों को?" कि "इस महंगी दुनिया में कौन पूछेगा, हम सस्ते लोगों को?"
(मां समान) मम मातृ सामना (मां समान) मम मातृ सामना
क्या दरिया कभी समंदर से सवाल करता है क्या दरिया कभी समंदर से सवाल करता है
रिश्तों की बुनियाद को समझे बिना , उनकी व्यस्तता को हमने उनका अहंकार मान लिया रिश्तों की बुनियाद को समझे बिना , उनकी व्यस्तता को हमने उनका अहंकार मान लिया
जिंदगी भर के किए कराए पर, यूं ही पानी फेर जाते हैं। जिंदगी भर के किए कराए पर, यूं ही पानी फेर जाते हैं।
जब तक हम जिंदा है, हम किसी न किसी कैद में रहेंगे जब तक हम जिंदा है, हम किसी न किसी कैद में रहेंगे
जाते हुए साल को प्यार से अलविदा कहना। जाते हुए साल को प्यार से अलविदा कहना।
पापी ने पाप बहुत आराम से समय लगाकर ही किया है। भगवान ने भी उसके आराम का इंतज़ाम कर ही दिया है। पापी ने पाप बहुत आराम से समय लगाकर ही किया है। भगवान ने भी उसके आराम का इंतज़...
ये इश्क का बहुत नाम है ये इश्क बहुत बदनाम है , ये इश्क का बहुत नाम है ये इश्क बहुत बदनाम है ,
भीगी हुई यादों के साए, हर लफ्ज़ में जल रहे हों। भीगी हुई यादों के साए, हर लफ्ज़ में जल रहे हों।
क्यों नहीं सुननी इस सड़कों पर गिरी बुंदों ने मेरी बात, क्यों नहीं सुननी इस सड़कों पर गिरी बुंदों ने मेरी बात,
वो श्रेष्ठ नेता होते जो बस लोगों की भलाई के लिए आगे रहते। वो श्रेष्ठ नेता होते जो बस लोगों की भलाई के लिए आगे रहते।
गिरगिट भी शरमा जाए मैं ऐसे रंग दिखाता गिरगिट भी शरमा जाए मैं ऐसे रंग दिखाता