Manishika Bhuwania
Drama
अनमोल है समय,
आज्ञाकारी है समय,
कभी न रूके जो
वह है समय,
अमीरी बावजूद
दयालु है समय,
अनमोल है समय
खुशी है समय,
जल्द है समय,
समय के बिना
कुछ नहीं,
१,२,३ बजे की,
शुरूवात है समय,
अनमोल है समय।
माँ
विद्यालय
समय
तेरी आँखों के शहर में, मेरा अक्स झिलमिलाए तेरी आँखों के शहर में, मेरा अक्स झिलमिलाए
कभी सोचा था कुछ करने का सपने भी तो क्या खूब बड़े थे कभी सोचा था कुछ करने का सपने भी तो क्या खूब बड़े थे
तेरी आँखें तेरा हुस्न तेरी जुल्फें क्या कहें अब, तेरी आँखें तेरा हुस्न तेरी जुल्फें क्या कहें अब,
ये ज़िंदगी का ईनाम है दिल का यही पैग़ाम है। ये ज़िंदगी का ईनाम है दिल का यही पैग़ाम है।
क्यों नहीं चला पाऊँगा इतने सालों से तो चला रहा हूँ। क्यों नहीं चला पाऊँगा इतने सालों से तो चला रहा हूँ।
मैं और तुम कहते हुए बरसों गुजर गए अब हम बनने कहने की इच्छा है। मैं और तुम कहते हुए बरसों गुजर गए अब हम बनने कहने की इच्छा है।
चल आज तेरे दिल की बात तेरे दिल को में सुनाती हूँ। चल आज तेरे दिल की बात तेरे दिल को में सुनाती हूँ।
ईश्वर से मित कर लो प्यार सम्मान अपनत्व का रंग भर दो ईश्वर से मित कर लो प्यार सम्मान अपनत्व का रंग भर दो
ज़िंदगी एक पहेली है जिसे सुलझाते सुलझाते खुद ही उलझ गई ज़िंदगी एक पहेली है जिसे सुलझाते सुलझाते खुद ही उलझ गई
यही इतिहास युगों युगों से चला आता है। मैं खड़ी हूं बाजार में खुद को तौलने… यही इतिहास युगों युगों से चला आता है। मैं खड़ी हूं बाजार में खुद को तौलने…
तेरी आँखों से मोती चुराऊँ हर ख्यालों की रंगरलियाँ तुझसे! तेरी आँखों से मोती चुराऊँ हर ख्यालों की रंगरलियाँ तुझसे!
दिल को मेरे कोई और बात कह जाती हैं नज़रें, चुभ जाती हैं। दिल को मेरे कोई और बात कह जाती हैं नज़रें, चुभ जाती हैं।
यार हर पहर, धूप या सहर दिल पे तेरा पहरा है पाक जो करे, रूह को मेरे ऐसा तेरा चेहरा है यार हर पहर, धूप या सहर दिल पे तेरा पहरा है पाक जो करे, रूह को मेरे ऐसा तेरा च...
न देख कर देखता तब लगता है जिंदा है वो जिंदा है वो। न देख कर देखता तब लगता है जिंदा है वो जिंदा है वो।
अपने पंख फैला कर, अपने सपनों को सजाने लगता है, फिर मैं क्यों ना उडूं, अपने पंख फैला कर, अपने सपनों को सजाने लगता है, फिर मैं क्यों ना उडूं,
ग़ज़ल पढ़कर ये ना कहना, कि 'ज़ोया' तो जज़्बाती है। ग़ज़ल पढ़कर ये ना कहना, कि 'ज़ोया' तो जज़्बाती है।
मैं ईश्वर की अनमोल देन हूं पिंजरे का पक्षी बन दिल दिमाग से कैद हूं.। मैं ईश्वर की अनमोल देन हूं पिंजरे का पक्षी बन दिल दिमाग से कैद हूं.।
अपने एक वोट का अधिकार बताया है लो चुनाव का दौर आया है। अपने एक वोट का अधिकार बताया है लो चुनाव का दौर आया है।
मुल्क में सेहत की हालत है मैली, रहनुमा ने झूठी बिसात पर चाल चली |३| मुल्क में सेहत की हालत है मैली, रहनुमा ने झूठी बिसात पर चाल चली |३|
मासूमियत के नकाब में छिपा लेती हैं अपना सारा गुबार। मासूमियत के नकाब में छिपा लेती हैं अपना सारा गुबार।