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Hardik Mahajan Hardik

Abstract Tragedy Inspirational

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Hardik Mahajan Hardik

Abstract Tragedy Inspirational

समय कब किसका

समय कब किसका

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समय कब किसका

साथ होता है,

जीवन जब कोई

साथ नहीं,


हर पल पल ।।

मौन होता है, ।।

रोज

बर्बाद मत करो…।


पता नहीं कौन सा

किसी को समय

किसी का वो ।।

अब भी बीकर ।।

सही नहीं


जब कुछ कहा

करो

किसी के साथ

किसी का अंत

पता नहीं।


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