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shruti chowdhary

Inspirational


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shruti chowdhary

Inspirational


सलाम मेरे देश के वीरों

सलाम मेरे देश के वीरों

1 min 17 1 min 17

आँखों में कुछ सपने पिरोकर

भरकर मुट्ठी में आशाएं

दिल में तूफां मचले 

कुछ कर जाएं

कुछ कर जाएं

सूरज जैसा तेज़ नहीं

हर पल जलता बुझता हूँ मैं

अपनी राहें स्वयं रोशन कर के 

फैलादी दिल सुगालता जाएं


कोई मुझे रोक सकता नहीं

मैं उस माटी का फूल नहीं

जिसे किस्मत ने सींचा है

मैं उस रेगिस्तान की धूल हूँ

जिसे किसी का खौफ नहीं

मैं पत्थर पर लिखी इबारत हूँ

न मिटने वाली कोई रेखा

मैं कोई शीशा नहीं जो टूट जाएं

मैं वप कदम नहीं जो थम जाएं


हर जुर्म को सहने की ताकत है

तानों के भी शोर में रहकर

सच्चाई से लड़ने की आदत है

मैं उस ममता की भट्टी में तपा हूँ

मेरा हौसला सागर से भी गहरा है

तुम जितने पत्थर फेंकोगे

चुन चुन कर अपनी जेब में भरकर

आगे बढ़ता रहूँगा मैं

आओ माटी की सुगंध बिखेरते हुए

तुम मुझे कब तक रोकोगे

तुम मिझे कब तक रोकोगे



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